बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियम रखे तक पर।

अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
अजमेर विकास प्राधिकरण मे एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर अजमेर हेलीपैड से जो फ्लाई ओवर ब्यावर , नारेली की तरफ खत्म होते ही एडीए ने अपने मास्टर प्लान में प्रस्तावित सेक्टर रोड 80 फीट चौड़ी यानी 24 मीटर चौड़ाई की रोड मात्र एक खेत को, खातेदार को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदान कर दी है। जिससे बिल्डर को लगभग 12 से 15 करोड़ का मुनाफा अतिरिक्त होगा गौरतलब यह है कि फ्लाईओवर के चढ़ने और उतरने के दोनों स्थानों के जनता को सुरक्षा प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नियम एवं कानून बनाए हुए हैं जो कि राष्ट्रीय स्तर पर बनते हैं और जिनका बेहद सख्ती से पालन भी किया जाता है। लेकिन इस प्रकरण में ना तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ही किसी प्रकार की रूचि अथवा सख्ती दिखा रहा है और ना ही अजमेर विकास प्राधिकरण, यह सारे नियम बेहद सख्त और कानूनों की पालना करने वाले होते हैं ताकि जनमानस सुरक्षित रहे एवं ट्रैफिक कनफ्लिक्ट जोन ना बन पाए। लेकिन इस प्रकरण में ओवर ब्रिज के उतरते ही इस योजना का मुख्य गेट बनाया जाना प्रस्तावित बिना किसी सर्विस लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाए गए रोड ड्रेन सिस्टम को ध्वस्त करते हुए इस आवासीय कॉलोनी का मुख्य द्वार बनाया जाएगा जो कि भविष्य में बेहद क्रूरतम,ओर हृदय विदारक दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाला साबित होगा। क्योंकि उतरते समय वाहनों की रफ्तार बेहद अधिक होती है और उतरते ही यहां पर एक रिहायशी आवासीय कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। जिसका मुख्य मार्ग उपरोक्त ओवर ब्रिज के उतार खत्म होते ही मुख्य द्वार होगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में इस तरह की योजनाओं के लिए सर्विस लेन बनाने का एवं कम से कम 300 फीट दूरी तक अथवा डेढ़ सौ मीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार का कट अथवा कोई भी ग्रामीण मार्ग राज्य मार्ग नहीं होना चाहिए। लेकिन इस प्रकरण में इन सब नियम कायदे और कानूनों की अनदेखी की जा रही है , खास बात यह है कि इस छोटी सेक्टर रोड के पास 100 फीट घुघरा से लाडपुरा मुख्य सड़क पहले से मौजूद है तथा इस भूमि पर जो नियमानुसार जो रास्ता जा रहा है वह लाडपुरा रोड पर स्थित उत्तरा फीड के अस्पताल के पास मौजूद है। इस रास्ते से कॉलोनी को अनुमोदित किया जाता है तो प्लॉट्स का रेट ₹10000 गज के आस पास ही रहेगा और यदि इस नियम विरुद्ध तरीके से जाने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अनापत्ति एनओसी लिए बिना उसका लेआउट अजमेर विकास प्राधिकरण अनुमोदित कर देता है तो यह भूमि अनुमानित रूप से जिसका कि भूमि का क्षेत्रफल 50 से 60 भीघा के मध्य है इस प्रकार इसमें 15 से ₹20 करोड़ का लाभ उक्त बिल्डर डेवलपर को पहुंचता है। जो लाभ की यह रकम सभी में बटेगी। बता दे, अजमेर विकास प्राधिकरण के युवा एवं कर्मठ आयुक्त अक्षय गोदारा के नीचे कार्य करने वाले संविदा कर्मचारी इस पूरे कांड का सूत्रधार है। इस पूरे प्रकरण में ताज्जुब इस बात का है कि यह संविदा कर्मी मात्र ₹10000 के वेतन प्राप्त करने के पश्चात यह टिके हुए हैं और बहुत अच्छी विलासिता पूर्ण जीवन जी रहे हैं और दो से तीन वाहन चौपहिया एवं दोपहिया वाहन मेंटेन भी करते हैं।अजमेर विकास प्राधिकरण के अब तक के इतिहास में सबसे कर्मठ और जुझारू आयुक्त के रूप में अपनी पहचान कायम करने वाले आयुक्त अक्षय गोदारा की छवि को धूमिल करने का जो यह कुत्सित प्रयास उनके मातहत संविदा कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है उस पर तुरंत लगाम लगाई जानी आवश्यक है। आगामी सप्ताह में इस महा घोटाले को अंजाम दिए जाने की पूरी संभावना है लेआउट प्लान पास करके। चूंकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के रास्तों एवं मार्ग अधिकार को लेकर तथा उन्हें एनओसी या अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने को लेकर बेहद सख्त एवं कठोर नियम है। जिन्हें बिना तकनीकी सलाह एवं आधिकारिक स्वीकृति के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किसी भी स्थिति में एनओसी जारी नहीं कर सकता। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 8 से जुड़े प्रकरणों में तो और भी ज्यादा सख्ती से एनओसी दी जाती है। गौरतलब है कि किसी प्रकरण को अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने हेतु नियम है कि लगभग 300 फीट यानी सौ से डेढ़ सौ मीटर आगे या पीछे तक कोई भी कट या ग्रामीण अथवा राज्य मार्ग किसी भी रिहायशी गैर आवासीय वाणिज्यिक अथवा औद्योगिक प्रकरण को अनुमति नहीं दी जा सकती । जबकि इस प्रकरण में इतनी घोर अनियमितता देखने को मिल रही है की घुगरा हेलीपैड के निकट फ्लाईओवर उतर रहा है उसके उतरते ही इस विवादित प्रकरण के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण में विशेष कृपा करते हुए छोटी लंबाई की मात्र एक खातेदार को लाभ देने के लिए सेक्टर रोड प्रस्तावित कर दी ताकि एनएचआई की आंखों में धूल झोंकी जा सके और बिल्डर द्वारा करोड़ों के वारे न्यारे कर सभी को लाभान्वित किया जा सके। यदि इस फ्लाईओवर के निकट उपरोक्त आवासीय कॉलोनी को रास्ता राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियम एवं कानूनों का उल्लंघन करते हुए प्रदान कर दिया जाता है तो यह भविष्य में बेहद भीषण तम दुर्घटनाओं का गवाह बनेगा जिसका जिम्मेदार कौन होगा क्या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी अथवा अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारी या वह संविदा कर्मी जो इन कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। अजमेर विकास प्राधिकरण में संविदा कर्मियों के द्वारा विशेष कृपा पाने के लिए इस तरह के कार्यों को बड़ी ही शिद्दत के साथ अंजाम दिया जा रहा है।

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