लंपी को राज्य आपदा क्षेत्र घोषित करने को केन्द्र सरकार तैयार, लेकिन सीएम गहलोत प्रस्ताव तो भेजें-मंत्री डॉ.संजीव बाल्यान।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ.संजीव बाल्यान ने कहा कि पशुपालन की चिकित्सा का मामला राज्य सरकार का है ऐसे में पहले राज्य सरकार को लंपी बीमारी को राज्य आपदा क्षेत्र घोषित करना पड़ेगा। इसके बाद सीएम गहलोत यदि केंद्र को प्रस्ताव जाएंगे तो हम उसे स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में एसडीआरएफ और अन्य फंड उपलब्ध है उसके माध्यम से इस संकट की घड़ी में अपने गोवंश को बचाए जाने का काम करना चाहिए। जयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ.बाल्यान ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को 30 लाख वैक्सीन के डोज दे रखे हैं। जबकि प्रदेश में 12 लाख वैक्सीन के डोज ही लग पाए हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार एक करोड़  वैक्सीन के डोज मांगेगी तो 6 घंटे में केंद्र उपलब्ध कराने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भविष्य में देश और राज्य में पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र आर्थिक मदद देने को तैयार है लेकिन राज्य स्तर पर भी पशुओं को वैक्सीन तेज गति से डोज लगाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 18 लाख 50 हजार गोवंश लंबी बीमारी से पीड़ित हुआ है और सबसे ज्यादा राजस्थान में 12 लाख 50 हजार गोवंश लंपी से पीड़ित है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति पशुओं के लिए संकट वाली है ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए जिससे कि पशुधन को बचाया जा सके। डॉ.बाल्यान ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तो वरिष्ठ है और उन्हें मौजूदा स्थिति में इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए बल्कि व्यवस्थाएं बेहतर कर गोवंश को बचाने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं खुद पशु चिकित्सक हूं इस नाते से दौसा जिले में डॉक्टर से इस बारे में विस्तार से चर्चा करूंगा और कोशिश होगी कि राज्य सरकार को केंद्र पूरी मदद दें और इस संकट के समय में दोनों मिलकर पशुधन को बचाने का काम करना चाहते हैं।

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