अपात्र लोगो को लाभ पहुंचाने वाले ई मित्र संचालकों के खिलाफ अब होगी कानूनी कार्यवाही।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए विद्यार्थियों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों को 16 सितम्बर  तक अग्रेषित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षण संस्थानों एवं विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से संदेष भेज कर इसकी सूचना दी जाए। जूली अंबेडकर भवन स्थित निदेशालय के सभागार में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों द्वारा किये गये आवेदन, किसी आक्षेप के कारण विद्यार्थियों के स्तर पर अथवा सत्यापन नहीं किये जाने के कारण संस्थान के स्तर पर लम्बित है, जिस कारण उनका विभाग द्वारा निस्तारण किया जाना सम्भव नहीं हो रहा है। जूली ने कहा कि विद्यार्थी एवं शिक्षण संस्थान स्वयं के स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों को 16 सितम्बर तक आवश्यक रूप से विभाग को अग्रेषित करे। इसके बाद आक्षेपित आवेदन पत्रों पर कोई विचार विमर्श नहीं किया जावेगा। उन्होंनेे विभिन्न विभागीय योजनाओं के समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गलत तरीके से अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने वाले ई मित्र संचालकों के लाइसेंस रद्द करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करें।उन्होंने कहा कि ई-मित्र संचालकों की मिली भगत से गलत व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन ई मित्र संचालकों के लाइसेंस रद्द कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए।शासन सचिव, डॉ. समित शर्मा ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृति स्वीकृति प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए ऑनलाइन पोर्टल में कई नये बदलाव किये गये है, जिनमे फ्रीषिप कार्ड, ऑटो अप्रुवल, डिजीलॉकर आदि फीचर शामिल है।  बैठक में निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, हरि मोहन मीना एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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