डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी राजेश जैन को मालवीय नगर से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित प्रदीप ने 8 माह पूर्व शिकायत दी थी की आरोपी ने उसे विश्वास में लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऐसे मकान को बेच दिया जो पूर्व में कई बार बिक चुका था। इसके लिए आरोपी राजेश जैन से उससे डेढ़ करोड़ रुपए लिए थे। जिस पर पीड़ित दीपक सिंघल ने मानसरोवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए। 8 महीने पहले पीड़ित दीपक सिंघल ने मानसरोवर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि राजेश जैन ने अपने जीजा विकास पाटनी के साथ मिलकर अमृत नगर कॉलोनी में एक प्लॉट का सौदा किया था। आरोपी राजेश जैन ने पहले से बेचे गए इस मकान को 1 साल बाद दोबारा परिवादी दीपक सिंघल को बेच दिया। आरोपी ने 333 वर्ग गज के प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर पट्टे की फर्जी कॉपी दी। इकरारनामा कर डेढ़ करोड़ रुपए सौंप दिए। जैसे ही परिवादी इस प्लॉट पर कब्जा करने आया तो पता चला राजेश जैन ने 1 साल पहले ही यह प्लॉट किसी अन्य को बेच रखा है। जिसका जेडीए ने मूल पट्टा भी जारी कर दिया था। घटना के बाद परिवादी ने मानसरोवर थाने में मामला दर्ज कराया। एसीबी मानसरोवर प्रोबेश्नर आईपीएस हरीशंकर के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया । टीम के पुलिसकर्मियों ने 24 घंटे आरोपी के घर के बाहर निगरानी शुरू कर दी। मानसरोवर थाने के हैड कॉन्स्टेबल संजय, चंद्रपाल और हनुमान को राजेश जैन के मालवीय नगर इलाके में आने की सूचना मिली थी। राजेश जैन मालवीय नगर के एक पार्क में बीएमडब्ल्यू गाड़ी में पत्नी से मिलने आया। जैसे ही पुलिस की नजर उस पर गई तो वह गाड़ी लेकर भागने लगा। पुलिस ने करीब 5 किलोमीटर दूर पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार किया । जांच पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि राजेश जैन खुद को महावीर कैंसर हॉस्पिटल के ट्रस्ट का दत्तक पुत्र बताता था। राजेश जैन लोगों को धोखा देने के लिए और अपना प्रभाव जमाने के लिए एस्कॉर्ट की दो गाड़ियों के बीच लग्जरी गाड़ी में चलता था। डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला शातिर बदमाश राजेश जैन हाईफाई लाइफ जीने का शोक है। आरोपित खुद को महावीर कैंसर अस्पताल के ट्रस्टी का दत्तक पुत्र बताता था। राजेश जैन बीएमडब्ल्यू कार में चलता है। आगे पीछे दो गाडियों को एस्कॉर्ट करती हैं।

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