सवाई माधोपुर में लम्पी वायरस जोर पर, पशुपालकों में आक्रोश।

सवाई माधोपुर-हेमेन्द्र शर्मा।
प्रदेश में गौवंश पर कहर बरपा रहे लम्पी वायरस का सवाई माधोपुर जिले में भी जबरदस्त प्रकोप देखने को मिल रहा है । सरकारी आंकड़ों की माने तो जिले में तकरीबन 4 हजार 50 गौवंश लम्पी रोग से ग्रसित है। जिसमे से 949 गोवंश रिकवर हो चुके है वही अब तक 57 गोवंश की लम्पी की वजह से मौत हो चुकी है। जबकि धरातल पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे है जो सरकारी आंकड़ों से बिल्कुल विपरीत है । जिले में गोवंश में लम्पी वायरस का प्रकोप सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक है। हालांकि पशुधन विभाग द्वारा लम्पी वायरस की रोकथाम को लेकर कई कड़े कदम उठाए जा रहे है । 
सरकारी आंकड़ों के विपरीत जिले में चार गुना गोवंश की हुई मौत।
प्रदेश सहित सवाई माधोपुर जिले में लम्पी वायरस गौवंश पर कहर बरपा रहा है। लम्पी के चलते सरकारी आंकड़ों के विपरीत जिले में सैंकड़ो गौवंश की मौत हो चुकी है। जिले के बौंली ,बामनवास , खंडार,चौथ का बरवाड़ा, गंगापुरसिटी सहित सभी उपखण्ड क्षेत्र में लम्पी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है । जानकारी के अनुसार जिले में वर्ष 2019 की गणना अनुसार 77 हजार 627 गौवंश है। वर्तमान में सवाई माधोपुर जिले में लम्पी स्किन बीमारी का प्रकोप चल रहा है। जिसके चलते सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 4 हजार 50 गोवंश लम्पी रोग से ग्रसित हो गए हैं। जिनमें से 949 गौवंश इस रोग से ठीक हो गए हैं तथा 57 गौवंश की मृत्यु हो चुकी है। वही सरकारी आंकड़ों के विपरीत जिले में चार गुना गोवंश की मौत हो चुकी है। जिसके चलते लम्पी रोग के और अधिक फैलने की संभावना है।
पशुपालकों में फैला आक्रोश।
सवाई माधोपुर जिले में 23 रजिस्टर्ड गौशालाएं संचालित है। जिसमें से 5 गौशालाएं वजीरपुर, शिवाड़, भगवतगढ़, बहरावण्डा कला एवं भेडोली में 60 गोवंश लम्पी रोग से संक्रमित हो चुके हैं । सवाई माधोपुर जिले के बामनवास, बौंली, गंगापुर सिटी एवं चौथ का बरवाड़ा में लम्पी रोग का प्रकोप ज्यादा है। जिले के अधिकांश गांवों में दर्जनों की संख्या में गोवंश की मौत हो रही है। फिर भी पशु चिकित्सा विभाग सहित प्रशासन कुंभकरण की गहरी नींद में सोया हुआ हैं। ऐसे में पशुपालकों में आक्रोश व्याप्त है। इसी आक्रोश के चलते आज सुनारी गांव के ग्रामीणों ने लम्पी वायरस की रोकथाम को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है । जिले में अगर यही हालत रहे तो आने वाले वक्त में लंपि का प्रकोप ओर भी भयावक होने की आशंका है। लंपी वायरस की चपेट में आए पशुओं की लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। दुधारू पशुओं की मौत से पशुपालक कॉपी चिंतित हैं और दूसरी तरफ दूध के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। लम्पी वायरस की चपेट में आने वाले दुधारू पशुओं में दूध की कमियां होती जा रही है।
गौवंश के मौत के आंकड़ों में हुई वृद्धि।
जिले में लगातार गौवंश में बढ़ता लम्पी वायरस का प्रकोप पशुपालकों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। हालांकि पशु पालन एंव पशु चिकित्सा विभाग द्वारा लम्पी वायरस की रोकथाम को लेकर प्रयास किये जा रहे है। लेकिन विभागीय प्रयास नाकाफी साबित हो रहे है । जिसके चलते गौवंश की लगातार मौत के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है ।
लम्पी रोग की रोकथाम को लेकर प्रयास नाकाफी।
जिले में लम्पी वायरस को लेकर सरकारी आंकडे धरातल से बिल्कुल ही विपरीत है । जिले में लम्पी रोग की रोकथाम को लेकर प्रयास ना काफी साबित हो रहे है ।जिसके चलते लम्पी वायरस जिले में गौवंश में तेजी से फैलता जा रहा है

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