देश को क्रांतिकारी पत्रकारों की आवश्यकता।

बूंदी ब्यूरो रिपोर्ट।
पूर्व वित्त राज्य मंत्री हरिमोहन शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देश को क्रांतिकारी पत्रकारों की सख्त आवश्यकता है। पत्रकारों को एकजुट होकर देश व समाज हित के लिए अपनी लेखनी का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बूंदी में दैनिक अंकित के संस्थापक मदन मदीर, राजमार्ग के बजरंग सिंह पांति ने अपनी लेखनी के दम पर अलग ही पहचान बनाई है। आज पत्रकार कम वेतन पर भी समाज व देश हित में निष्पक्षता व दृढ़ता से कार्य कर रहे हैं।
जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान बून्दी जिला ईकाई की ओर से अलगोजा रिसोर्ट में आयोजित पत्रकार अधिवेशन और पत्रकार सम्मान समारोह में अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा ने बून्दी के वरिष्ठ पत्रकारों को याद करते हुए कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता पर कितनी ही बन्दिशें हो। लेकिन पत्रकारों को अपनी कलम सत्य के साथ रखनी चाहिए। आज बाजारवाद,सरकारी शिकंजे के चलते मीडिया भी डरा हुआ है। बावजूद इसके बहुत से पत्रकारों ने कलम की लौ को बुझने नहीं दिया है। वे अपने चैनल, सोशल मीडिया की बदौलत सत्य को सामने ला रहे हैं। किसी भी मीडिया, पत्रकार को सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। चाहे उस पर कितनी ही विकट स्थिति आए। सत्य के साथ जनता है। शासन सरकार भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। शर्मा ने मीडिया और पत्रकारों पर आए तमाम संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी छोटे अखबार अपनी पहचान बनाए हुए है। आगे भी इन पर कोई संकट नहीं आएगा। बस मिशन पत्रकारिता और सत्य को नहीं छोड़ना है। इस दौरान पूर्व विधायक सी एल प्रेमी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में बून्दी के वरिष्ठ पत्रकारों, जागरूक नागरिकों और कार्यक्रम में आगन्तुक पत्रकारों को स्मृति चिन्ह, शॉल देकर सम्मानित किया। सभी अतिथियों को भी स्मृति चिन्ह प्रदान दिए गए। बूंदी जार जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन अंसारी ने स्वागत भाषण दिया। वरिष्ठ पत्रकार दुर्गा दास जी ने आभार जताया।
जनता की आवाज बनें पत्रकार।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राम नारायण मीणा ने कहा कि वर्तमान दौर में पत्रकारिता और पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पत्रकारों को सच लिखने से रोका जा रहा है। जनता की तकलीफों, महंगाई और बेकारी पर किसी का ध्यान नहीं है। ना ही इस बारे में कोई आवाज उठा रहा है। मीणा ने कहा कि जनता से बड़ा कोई नहीं है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री सब जनता के सामने गौण है। इसलिये हम सभी को जनता की उन्नति व विकास के बारे में सोचना चाहिए। पत्रकार समाज को भी चाहिए कि वह भी निर्भय होकर जनता के हितों और शासन के भ्रष्टाचार, जनविरोधी नीतियों पर अपनी कलम चलाए।
बूंदी में पत्रकार आवास योजना का वादा।
विशिष्ट अतिथि बून्दी नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल ने पत्रकार आवास योजना का वादा करते हुए कहा कि जल्द ही बून्दी में पत्रकारों के लिए आवास योजना आएगी। सरकार को इस बारे में प्रस्ताव भेजा जाएगा। गौरतलब है कि जार जिला अध्यक्ष बून्दी कलीमुद्दीन अंसारी ने पत्रकार आवास योजना के लिये सभापति, स्थानीय विधायकों को ज्ञापन दे रखे हैं। वे लगातार इस मुद्दे को उठाते रहते हैं।
कलम की धार बनी रहेगी।
कोटा प्रेस क्लब के अध्यक्ष गजेंद्र व्यास ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता संकट पर है। किसी के खिलाफ खबर लिखने, भ्रष्टाचार उजागर करने, सँगठित माफियाओं के खिलाफ खबरें लिखने वाले पत्रकारों को दुश्मन समझने लगते हैं। हमले तक कर देते हैं पत्रकारों पर। यहीं नहीं परिवार के पीछे पड़ जाते हैं। पत्रकार अपना कर्तव्य निभाता है। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं होती। देश और समाज हित में पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को दुश्मन न समझें बल्कि समाज, शासन और सरकार को ऐसे पत्रकारों के साथ खड़ा होना होगा। व्यास ने कहा कि हमें पत्रकारिता को बदनाम करने वाले  लोगों से सावधान रहना होगा।
नेशनल जर्नलिस्ट्स रजिस्ट्रर से ही लगेगी रँगे सियारों पर लगाम।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने देश में पत्रकार सुरक्षा कानून और नेशनल जर्नलिस्ट्स रजिस्ट्रर की वकालत करते हुए कहा कि इससे ही देश में पत्रकारिता और पत्रकारों का भविष्य सुधर सकता है।  कानून बनने से ही नियम बन सकेंगे। पत्रकार कौन होगा, यह नियम तय हो सकेंगे। पत्रकारों की सुरक्षा तय हो सकेगी। ब्लैकमेलिंग में लिप्त रँगा सियार लोग बेनकाब होंगे। पत्रकार हितों के लिए सभी पत्रकारों को एकजुट होकर लड़ना होगा। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) के प्रदेशाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि जार की सभी जिला इकाईयां पत्रकार हितों के लिए संघर्ष कर रही है। पत्रकार आवास योजना, डिजिटल पॉलिसी, स्कॉलरशिप, वेजबोर्ड, पत्रकारों पर हमले के मामलों में जार ने सबसे आगे होकर लड़ाई लड़ी है। आगे भी संघर्ष करते रहेंगे। पत्रकारों को रँगा सियारों से सावचेत रहना होगा। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाना होगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack