दत्तक ग्रहण एवं बाल संरक्षण के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग एवं प्रयत्न संस्था करौली के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम मीना ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल संरक्षण के क्षेत्र में राजकीय विभाग के संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाये एवं जिला श्रम टास्क फोर्स कमेटी की बैठके प्रतिमाह कराये एवं बाल श्रम की रोकथाम के लिए विभाग समन्वय के साथ प्रयास करें। कार्यशाला में दत्तक गृहण किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण संशोधित अधिनियम 2021 एवं बालश्रम प्रतिबंधित एवं विनियमन संशोधित अधिनियम 2016 के संबंध में बाल संरक्षण से जुडे सभी हितधारकों को क्षमतावर्द्वन प्रशिक्षण दिया गया।कार्यशाला मे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करौली की सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश बीना गुप्ता ने बताया कि पीडित प्रतिकर स्कीम के तहत अपराध से पीडित व्यक्ति को उस पर पड़ने वाले प्रभाव के अनुसार विभिन्न श्रेणी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस हेतु नियमों के अधीन पीडित या उसके आश्रितों द्वारा किया गया कोई दावा, अपराध होने की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के अंदर आवेदन करने का प्रावधान है। जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद नायक ने बताया कि सभी ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समितियों एवं ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों का गठन हो चुका है।नियमित बैठके करवाने और बैठक कार्यवाही विवरण जिला स्तर पर संबंधित विकास अधिकारियों को भिजवाने के निर्देश दिये। प्रयत्न संस्था के निदेशक योगेश जैन ने प्रयत्न संस्था के उद्वेश्य, विजन मिशन के बारे में जानकारी दी और बताया कि प्रयत्न संस्था द्वारा जमीनी स्तर पर बाल संरक्षण के मुद्दों पर बातचीत एवं कार्यवाही दिये जाने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति एवं ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समितियों के क्षमतावर्द्वन हेतु आमुखीकरण कार्यक्रम किये है। साइबर थाना थानाधिकारी वीरसिंह ने बताया कि कुछ अपराधी प्रवृति की मानसिकता वाले लोग नेटवर्किंग एवं सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए फ्रॉड करते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अपरिचित लोगों से सोशल मीडिया पर चैटिंग, फ्रेण्ड रिक्वेस्ट, मित्रता ना करें। सोशल मीडिया अकाउण्ट पर अपनी प्रोफाइल को लॉक करके रखें। किसी भी अनजान व्यक्ति से प्राप्त लिंक, ओटीपी, गूगल पेमेंट, पेटीएम, फोनपे, ओएलएक्स, व्हाट्सएप, इस्टाग्राम, फेसबुक आदि का सावधानीपूर्वक उपयोग करें। लिंक से केवल भुगतान किया जा सकता है, भुगतान प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसलिए संदिग्ध लिंक को ना खोले। जिले में साइबर थाने की स्थापना की जा चुकी है।प्रयत्न संस्था बाल संरक्षण विशेषज्ञ एवं एडवोकेसी ऑफीसर राकेश कुमार तिवारी ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधित अधिनियम 2021 एवं बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियम) संशोधित अधिनियम, 2016 के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई। प्रज्ञा मिश्रा ने किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के द्वारा किए जाने वाले कार्यो एवं उनके कर्त्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई,बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक कृष्ण कान्त सांखला ने बताया कि वर्ष 2022 में देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा शुरू की गयी मिशन वात्सल्य योजना के बारे में बताया तथा दत्तक ग्रहण की वर्तमान प्रक्रिया एवं संशोधन के पश्चात् अपनायी जाने वाली प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए बताया कि पहले जो कार्य न्यायालय द्वारा दत्तक ग्रहण में आदेश दिये जाते थे वे सब जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दिये जाएगे। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल शर्मा, सदस्य दिलीप मीणा, फजले अहमद, एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यसामजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक कुलदीप सिंह, जिला बाल संरक्षण इकाई,बाल अधिकारिता विभाग के सविता शर्मा, बन्टी गुर्जर, प्रवीण सैनी, प्रयत्न संस्था के परियोजना अधिकारी मुकेश कौशिक, सहायक परियोजना अधिकारी रामेश्वर जाट, मॉनीटरिंग अधिकारी रामप्रसाद जांगिड़एवं जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलियन्टर्स, जिला चाइल्ड लाईन एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के लगभग 80 प्रतिभागियों ने उपस्थित होकर प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया।कार्यक्रम में मंच का संचालन प्रयत्न संस्था के सहायक परियोजना अधिकारी रामेश्वर जाट द्वारा किया गया।

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