ऑटो में गूंजी किलकारी, लेकिन कुछ देर बाद खुशी बदली मातम में, परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ पर लगाए लापरवाही के आरोप।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर स्थित महिला एवं बाल चिकित्सालय परिसर में मंगलवार सुबह ऑटो में ही प्रसव हो गया। महिला के प्रसव पीड़ा होने पर महिला एवं बाल चिकित्सालय लाया गया था। बाद में नवजात ने दम तोड़ दिए। इस मामले में प्रसूता के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। परिजनों का कहना है कि प्रसव के काफी देर तक जच्चा और बच्चा दोनों ही ऑटो में रहे लेकिन कोई अटेंड करने नहीं पहुंचा। बाद में एक नर्सिंग स्टाफ पहुंचा तब तक काफी देर हो चुकी थी। जानकारी में सामने आया कि शहर के निकट स्थित भैरूसिंह जी का खेड़ा निवासी दुर्गेश भील की पत्नी रेखा को मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर ऑटो में महिला एवं बाल चिकित्सालय लाया गया था। ऑटो चिकित्सालय परिसर में पहुंचा तब काफी तेज दर्द शुरू हो गया तो स्टाफ को सूचना दी लेकिन कोई नहीं पहुंचा। बाद में ऑटो में ही प्रसव हो गया, जिसकी सूचना भी चिकित्सालय के स्टाफ को दी गई। इसके आधे घंटे बाद स्टाफ पहुंचा तथा प्रसूता और बच्चे को अंदर लिया। इसके थोड़ी देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों ने चिकित्सालय प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि समय पर प्रसूता को अंदर नहीं लिया गया। बार बार सूचना करते रहे। इसके बावजूद समय पर स्टाफ नहीं पहुंचा जिससे उपचार ने लापरवाही बरती गई। जानकारी में सामने आया है कि एक दिन पहले रक्त मंगवाया, बाद में चढ़ाने से मना कर दिया परिजनों का आरोप है कि सोमवार को भी रेखा को महिला एवं बाल चिकित्सालय लाया गया था। यहां पर चिकित्सकों ने जांच की। इसके बाद में रक्त की कमी बताते हुए रक्त चढ़ाने को कहा। इस पर परिजन रक्त भी लेकर आ गए। लेकिन ऐन वक्त पर उसे रक्त चढ़ाने से मना कर दिया गया। ना ही उसे भर्ती किया गया। इस पर परिजन उसे पुनः घर ले गए। मंगलवार सुबह पुनः प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

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