सूदखोरों के मकड़जाल में फंसे सब्जी व्यापारी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप।

चूरू ब्यूरो रिपोर्ट।
सूदखोरों के मकड़जाल में फंसा एक युवक इतना परेशान हो गया कि उसने आत्महत्या कर ली। मौत से पहले उसने एक सुसाइड नोट में पांच लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। युवक ने सूदखोरों के जाल में फंसे हुए अन्य युवकों की जिन्दगी बचाने की गुहार लगाते हुए पुलिस को कार्रवाई करने की बात लिखी है। इस संबंध में युवक के भाई अमित कुमार गोलवा ने श्रीराम सैनी, धर्मेन्द्र गोस्वामी, सोनू नाई, रवि खटीक व बंटी बागड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दरअसल शहर के वार्ड 56 का रहने वाला संदीप गोलवा सब्जी की खरीद फरोख्त का काम करता था। सोमवार को उसके पिता का श्राद्ध था। सभी घरवाले उसकी तैयारियों में लगे हुए थे। संदीप नीचे के कमरे में सोया हुआ था, परिजनों ने उसे बुलाने के लिए कई आवाज लगाई लेकिन वो नहीं आया। कुछ देर बाद संदीप के चाचा की लड़की उसे बुलाने के लिए गई, तो पाइप से लटका देखकर उसके होश उड़ गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची व परिजनों की मदद से उसे राजकीय भरतिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत के बाद परिजन युवक के कमरे में गए तो बिस्तर पर एक सुसाइड नोट मिला। नोट में उसने सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। युवक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उनके पिता शिवकुमार शर्मा की मौत हो चुकी है। युवक के परिवार ने बताया कि संदीप कुछ दिनों से परेशान था। पूछने पर हमेशा टाल जाता था। परिजनों ने बताया कि सूदखोरों के मकड़जाल में फंसे होने की उन्हें जानकारी सुसाइड नोट मिलने के बाद मिली है।
यह लिखा सुसाइड नोट मे युवक ने।
संदीप ने सुसाइड नोट में लिखा कि सभी घरवालों व मित्रों से क्षमा चाहता हूं, मुझे ये कदम नहीं उठाना चाहिए। पर मैं पूरी तरह से मजबूर हूं, मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। मेरे मरने का कारण कुछ सूदखोर हैं, जिसमें श्रीराम सैनी, धर्मचंद गोस्वामी, सोनू नाई, रवि खटीक व बंटी बागड़ी शामिल हैं। सुसाइड नोट के अनुसार इन सबसे उसने रुपए उधार लिए थे। जिसका दस गुना ज्यादा ब्याज चुका दिया। लेकिन रोज ब्याज व पैनल्टी का हवाला देकर उतना फिर से बढ़ा देते हैं। ये लोग उसे चेक लगाने की धमकियां देते हैं। शराब पीकर उठा ले जाने की धमकियां देने सहित एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते। युवक ने सुसाइड नोट में आगे लिखा कि मेरे परिवार के लोग इतने समर्थ नहीं है कि ये मेरा कर्जा उतार दें। इन सूदखोरों ने ना जाने कितने लोगों के घर बर्बाद कर दिए हैं। उसने लिखा कि एक लाख का रोजाना 5 हजार रुपए ब्‍याज लेते हैं, एक दिन भी रुपए नहीं देने पर 2 हजार रुपए पैनल्टी सहित कुल 7 हजार रुपए प्रतिदिन के लेते हैं। जिसे चुकाना किसी भी आदमी के लिए संभव नहीं है। युवक ने लिखा कि मेरा प्रशासन से अनुरोध व अंतिम इच्छा यही है कि ऐसे लोगों से समाज को छुटकारा दिलाएं। मेरे घरवालों को ना सताया जाए। नोट में युवक ने अन्‍य लोगों के भी नाम लिखे हैं, जिन्‍हें इसी तरह ब्‍याज और पेनल्‍टी के चलते परेशान किया जा रहा है।

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