कोटा में आयोजित होगा दो दिवसीय नेशनल डिफेंस कॉन्क्लेव, डीएम ने अधिकारियों और उद्यमियों की बैठक लेकर तैयारियों का लिया जायज़ा।

कोटा-हंसपाल यादव।
दो दिवसीय नेशनल एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव व एक्जीबीशन के आयोजन की मेजबानी इस बार कोटा को मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मेनुफेक्चरर्स के सहयोग से 11 व 12 सितम्बर को सीएडी सर्किल स्थित दशहरा मैदान में नेशनल एमएसएमई डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। सरकार की मेक इन इंडिया पॉलिसी के अंतर्गत रक्षा उत्पादन क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने व डिफेंस सेक्टर में एमएसएमई और स्टार्टप्स को अवसर प्रदान करने की दिशा में कॉन्क्लेव व एक्जीबिशन आयोजित की जाएगी। दो दिवसीय आयोजन में डिफेंस सेक्टर से जुड़े एमएसएमई, स्टार्टअप्स और राजस्थान सहित अन्य राज्यों की ओद्योगिक संस्थाएं भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट भी सम्मिलित होंगे। आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर ओपी बुनकर की अध्यक्षता में नगर निगम दक्षिण के मीटिंग हॉल में आयोजित की गई। जिसमें रक्षा मंत्रालय उत्पाद खण्ड के उपमहानिदेशक प्रवीण कुमार सहित प्रमुख उद्यमी एवं जिले के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

ड्रोन लाइट शो में दिखेगी भारतीय संस्कृति की झलक।

ड्रोन लाइट शो मिनी डिफेंस एक्सपो में आकर्षण का केंद्र होगा। ड्रोन शो के माध्यम से भारत के गौरवशाली  इतिहास के साथ राजस्थान की संस्कृति की झलक भी देखन को मिलगी। इसे इसे मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस और आईआईटी दिल्ली बेस्ड एक स्टार्टअप मिलकर ऑर्गेनाइज करेगा। इसमें सैंकड़ो ड्रोन बैकग्राउंड म्यूजिक और लेजर प्रोजेक्शन मैपिंग के साथ सिंक करके आकाश में फ्लाई करेंगे। इससे पहले इसी स्टार्टअप ने 29 जनवरी को बीटींग द रीट्रिट सेरेमनी में ड्रोन शो के जरिए जलवा बिखेरा था। 

डिफेंस सेक्टर के दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा।

एमएसएमई कॉन्क्लेव में भारत की मेक इन इंडिया और आत्म निर्भर भारत के विजन की झलक देखने को मिलेगी। कॉन्क्लेव में भाग लेने के लिए डिफेंस सेक्टर के पीएसयू सहित प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों के सीईओ व प्रतनिधि भी कोटा पहुंचेंगे। दो दिवसीय कॉन्क्लेव में टाटा, एल एंड टी, भारत फॉर्ज, महिंद्रा डिफेंस, अडानी डिफेंस सहित कई बड़ी कंपनियों और स्टार्टप्स अपने एक्जीबिशन में प्रॉडक्ट को डिस्पले करेंगे।
     
डिफेंस प्रॉडक्शन में एमएसएमई की भूमिका अहम।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में एमएसएमई की बड़ी भूमिका होने वाली है। मौजूदा समय में भारत लगभग 70 देशों को रक्षा निर्यात कर रहा है। सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मेनुफेक्चरर्स (एसआईडीएम) में वर्तमान सदस्यों की संख्या 500 से अधिक है। डिफेंस और एयरो स्पेस इक्विपमेंट के स्वदेशी डिजाइन, डवलपमेंट और मैन्यूफैक्चरिंग को बढावा देने के लिए  राज्यों में एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack