जवाई बांध में पेयजल के लिए सेवा और संकल्प महासमिति ने किया आज पाली बंद का आव्हान

पाली-मनोज शर्मा।
कई वर्षो से बून्द-बून्द पानी को तरस रहा पाली शहर व जिले को 24 घण्टे पेयजल सप्लाई एवं जवाई बांध में पीने का पूरा 4200 एम.सी.एफ.टी. पानी आरक्षित रखने की मांग को लेकर सेवा और संकल्प महासमिति के जल ही जीवन है के अभियान तहत सोमवार को पाली बंद का आव्हान किया है।
महासमिति ने अपील की है कि पानी के लिए हर एक व्यक्ति अपने प्रतिष्ठान बन्द रखकर कलेक्ट्रेट के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन में शामिल हो साथ ही दावा किया है कि जिले के कोने-कोने से सैकड़ों समाजसेवी भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पाली पहुंचेंगे। सेवा और संकल्प महासमिति के अध्यक्ष जबरसिंह राजपुरोहित ने पाली शहर के स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापार मण्डलों, सभी धर्मो एवं वर्गो की सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न एशोसिएशनों, उद्यमी संगठनों, महिला संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों, बार एशोसिएशन, टैक्सी, टेम्पो, बस ऑपरेटर एशोसिएशनों एवं समस्त अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों से पाली बन्द को सफल बनाने व कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन में अपनी भागीदारी निभाने का आव्हान करते हुए कहा है कि सुमेरपुर व आहोर से किसान पैदल चलकर पाली पहुंचकर हमारे पेयजल के पानी को जबरन सिंचाई में लेने की चुनौती दे सकते है तो क्यों न हम पाली में ही संगठित होकर अपने हक का पूरा पानी हासिल करने के लिए संघर्ष कर सकते हैं। उन्हौने कहा हम हर हाल में अपने हक का पूरा पानी लेकर रहेंगे ये कार्यक्रम स्वयं जनता का महाअभियान अनुष्ठान है और हम सबको मिलकर इसको सफल बनाना है इसलिए एक दिन के लिए शहर के सभी भाई अपने प्रतिष्ठान बन्द रखे व धरना-प्रदर्शन में पहूॅंच अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।
आवश्यक सेवओं को छोडकर सभी प्रतिष्ठान रहेंगे बंद
राजपुरोहित ने कहा कि पानी की मॉंग को लेकर इस बन्द के अभियान में जनहित की आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्णतया बन्द रहेंगे तथा इस बन्द के अभियान को सफल बनाने के लिए शहर के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों एवं जनता स्वयं जन सम्पर्क महाभियान चलाकर तथा सेवा और संकल्प महासमिति के पुरूष एवं महिला सदस्यगण घर-घर पहूॅंच बन्द को सफल बनाने की अपील कर रहे है। उन्होंने पाली शहर के सभी भाईयों और बहनों से आग्रह किया है कि हमारा पाली बन्द शान्तिपूर्ण तरीके से, अनुशासित रूप से बन्द को सफल बनाना है तथा इस महाअभियान के मध्य जिला कलेक्टर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के साथ आमसभा एवं जनहित के मुद्दों पर जिले से आये हुए सम्पूर्ण समाजसेवी चर्चा करेंगे। तत्पश्चात् राजस्थान सरकार एवं सम्बन्धित अधिकारियों के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से जनहित में मांगपत्र प्रस्तुत किये जायेंगे तथा जिले के विभिन्न गम्भीर जन समस्याओं का भी जिला प्रशासन के समक्ष ध्यान आकर्षित किया जायेगा।
बंद को सफल बनाने के लिए बांटे पीले चावल
सेवा और संकल्प महिलाध्यक्ष श्रीमती लहर कंवर राठौड़, पूर्व प्रधान श्रीमती मंजुलता परिहार, श्रीमती सरोज देवी उपाध्याय, लाल कंवर राजपुरोहित, श्रीमती मंजू जलवानिया सहित दर्जनों महिला प्रतिनिधियों ने हाऊसिंग बोर्ड, भटवाड़ा, लेबर कॉलोनी, राजेन्द्र नगर, सोसायटी नगर, आनन्द नगर जाकर व्यापक जन सम्पर्क अभियान चलाकर पाली बन्द को सफल बनाने व घर-घर से धरना-प्रदर्शन में पहुंचने के पीले चावल दिये।पाली बन्द को सफल बनाओ अभियान को लेकर नगर परिषद् प्रतिपक्ष नेता हकीम भाई, पार्षद मेहबूब टी, शहनाज बानो, एडवोकेट एम.एम. बोड़ा, बाबूलाल दैया, मोहन छापोला, गजेन्द्रसिंह राठौड़ सरदार समन्द, मासूम अली गुड्डू, राजेन्द्र शर्मा, तरूण मेहता, श्रवण गोयल, युसुफ मोयल, ताराचन्द शर्मा, इकबाल शेख, शहजाद शेख, मोहसिन खत्री, इंसाफ घोसी सहित सैकड़ो साथीगण शहर के विभिन्न क्षैत्रों में पहुंचे और जनता के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पीले चावल बांटे।
सांसद पी पी चौधरी ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री को लिखा पत्र
वहीं दूसरी ओर सांसद पीपी चौधरी ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह और सचिव जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा राजनैतिक स्वार्थ की पूर्ति हेतु पाली जिले की जनता के साथ घोर अन्याय वाली योजना में दखल करने का आग्रह किया है। सांसद चौधरी ने पत्र में बताया कि राज्य सरकार द्वारा पाली जिले के पेयजल एवं सिंचाई के मुख्य स्रोत जवाई बांध से शिवगंज तहसील (जिला सिरोही) के 68 गांवों को पेयजल आपूर्ति की योजना को सैद्धान्तिक स्वीकृति देते हुए इसके जल्द क्रियान्वयन हेतु स्थानीय पीएचईडी अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए है।
उन्होंने बताया कि शिवगंज तहसील के गांवों से संबंधित योजना की स्वीकृति हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा बहुत ही स्पष्ट कहा गया कि ‘‘बिना जवाई पुनर्भरण के शिवगंज तहसील के 68 गांवों के लिए अतिरिक्त पानी की व्यवस्था नहीं की जा सकती।’’ इसके उपरांत भी राज्य सरकार ऐसा कदम उठाने जा रही है जो कि पाली जिले के आरक्षित पेयजल के रूप में विधि सम्मत और न्याय संगत भी नहीं है तथा संपूर्ण पाली जिले की जनता के साथ घोर अन्याय है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack