विधानसभा चुनाव में बचा मात्र सवा साल, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को नियुक्ति का इंतजार।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान कांग्रेस में 2 साल के बाद हाल ही में कांग्रेस ओबीसी विभाग में हरसहाय यादव को प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद अब 2 साल से भंग पड़े विभिन्न विभाग प्रकोष्ठों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। विभाग- प्रकोष्ठों में कार्यकर्ताओं और नेताओं को नियुक्ति की आस जगने लगी है। हालांकि अभी भी विभाग-प्रकोष्ठों को 2 साल से नियुक्ति का इंतजार है। दिलचस्प बात तो यह है कि 2 साल से भंग पड़े विभाग-प्रकोष्ठों के चलते कांग्रेस पार्टी का भी कामकाज प्रभावित हो रहा है।
प्रमुख विभागों में भी नियुक्ति का इंतजार।
दरअसल प्रदेश कांग्रेस के तहत संचालित कई विभाग तो ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति सीधे दिल्ली से होती है. लेकिन बावजूद इसके 2 साल से कांग्रेस एससी-एसटी विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, विधि और मानव अधिकार विभाग, कांग्रेस विचार, किसान खेतीहर कांग्रेस जैसे प्रमुख डिपार्टमेंट में खाली पड़े हैं जहां पर नियुक्तियां नहीं होने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। 
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को खपाया जाता है विभाग- प्रकोष्ठों में।
जिन कार्यकर्ताओं और नेताओं का नंबर प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में नहीं आ पाता है उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को पार्टी के विभाग और प्रकोष्ठों में एडजस्ट करके उन्हें संगठन में भागीदारी दी जाती है। संगठनात्मक गतिविधियों में भी विभाग-प्रकोष्ठों की मदद प्रदेश कांग्रेस को मिलती है, यही नहीं प्रदेश कांग्रेस की ओर से होने वाले धरने-प्रदर्शनों और अन्य कार्यक्रमों में भी भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी विभाग-प्रकोष्ठों को दी जाती है लेकिन 2 साल से विभाग प्रकोष्ठ भंग होने के चलते इनमें काम करने वाले कार्यकर्ता भी पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं।
एक दर्जन प्रकोष्ठों को भी नियुक्ति का इंतजार।
वहीं प्रदेश कांग्रेस के तहत आने वाले 1 दर्जन विभिन्न प्रकोष्ठों में भी 2 साल से नियुक्ति का इंतजार है। यह प्रकोष्ठ भी काफी अहम माने जाते हैं, जिनका निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं और आमजन से संवाद होता रहता है।प्रकोष्ठ भंग होने से भी प्रदेश कांग्रेस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि प्रदेश में सवा साल के बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में जल्द से जल्द विभाग प्रकोष्ठों में नियुक्तियां होनी चाहिए, जिससे कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेता ग्रास रूट पर जाकर पार्टी के लिए काम कर सकें।
14 जुलाई 2020 को भंग हुए थे विभाग-प्रकोष्ठ।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से बगावत करने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने 14 जुलाई 2020 को कांग्रेस के सभी विभाग-प्रकोष्ठों, प्रदेश कार्यकारिणी और जिलों की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इसके बाद से ही विभाग प्रकोष्ठ भंग पड़े हैं।
इन विभाग-प्रकोष्ठों को है नियुक्ति का इंतजार।
दरअसल जिन विभाग और प्रकोष्ठों को नियुक्ति का इंतजार है उनमें एससी-एसटी विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, विधि और मानव अधिकार विभाग, कांग्रेस विचार, किसान खेतिहर कांग्रेस, उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ, खेलकूद प्रकोष्ठ, खादी ग्रामोद्योग, अभाव अभियोग प्रकोष्ठ, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ, निशक्तजन प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठस घुमंतु अर्ध घुमंतु प्रकोष्ठ, शिक्षक प्रकोष्ठ, सैनिक कल्याण प्रकोष्ठ और पंचायती राज प्रकोष्ठ है।

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