सवाई माधोपुर की तर्ज पर अब राज्य के प्रत्येक जिले में विकसित होंगी दो गर्ल फ्रेण्डली ग्राम पंचायत।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
निदेशालय महिला अधिकारिता एवं यूएनएफपीए के समन्वय से स्थानीय होटल में विभागीय योजनाओ की प्रगति समीक्षा बैठक तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत चिन्हित गर्ल फ्रेण्डली ग्राम पंचायत हेतु सभी जिलों का संभाग अनुसार प्रथम बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलों के उप निदेशक,सहायक निदेशकों सहित चिन्हित ग्राम पंचायतों की साथिन और सुपरवाइजर ने सहभागिता की। शासन सचिव दिनेश कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा जिस प्रकार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सवाई माधोपुर की सात ग्राम पंचायतों को गर्ल फ्रेण्डली ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया गया है। उसी प्रकार अब राज्य के प्रत्येक जिले में दो ग्राम पंचायतों को गर्ल फ्रेण्डली ग्राम पंचायत के रूप में विकसित जाएगा। इस हेतु संबधित जिलों के उप निदेशक,सहायक निदेशकों सहित चिन्हित ग्राम पंचायतों की साथिन और सुपरवाइजर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए आज इनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा संबंधित ग्राम पंचायत के क्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारी ,ग्रामीण, परिवारजन और स्वयं महिलाओं एवं बच्चियों की भागीदारी है आवश्यक है।इस अवसर पर महिला अधिकारिता आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति उत्साह जनक वातावरण तैयार हो और बेटियों का समग्र विकास हो इस के लिए हम निरन्तर प्रयासरत है। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों के साथ बाल लिंग अनुपात (सीएसआर) में गिरावट और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का अवलोकन, जेंडर और गर्ल फ्रेंडली ग्राम पंचायत (जीएफजीएफ) के प्रमुख घटक, रणनीति और प्रक्रिया समझना, हिंसा से प्रभावित लड़कियों और महिलाओं के लिए कानूनों और सेवाओं पर अवलोकन, महिलाओं के लिए राज्य नीति के संदर्भ में लड़कियों और महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित सेवाओं, कार्यक्रमों का अवलोकन किया गया।

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