नीट की तैयारी करने आए बिहार निवासी छात्र ने लगाया फांसी का फंदा, छात्र ने सुसाइड नोट मे लिखा-आई एम सॉरी मम्मी पापा।

कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
कोटा में बोरखेड़ा के नया नोहरा इलाके के गया बिहार निवासी नीट की तैयारी करने आए एक छात्र ने अपने कमरे में रविवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने माता-पिता को मन की पीड़ा बताई है। नोट में स्टूडेंट ने बार-बार लिखा कि वो पढ़ना चाहता है, लेकिन दिमाग पता नहीं कैसा हो गया। इधर उधर की चीजें सोचता रहता है। रविवार को काफी देर तक जब छात्र अभिषेक कमरे से बाहर नहीं निकला तो बिल्डिंग में रहने वाले अन्य छात्रों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने के बाद 11 बजे दरवाजा तोड़कर अंदर देखा। अभिषेक फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने उसे फंदे से उतारा और अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम रूम में रखवाया है। उसके परिजनों को सूचना दे दी है।पुलिस के अनुसार अभिषेक कोटा में एक निजी कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार उसे आए हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था। तलाशी लेने पर उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस ने सुसाइड नोट जप्त कर लिया है।
छात्र ने सुसाइड नोट मे लिखा-आई एम सॉरी मम्मी पापा।
आई एम सॉरी मम्मी पापा, एक्चुअली जब 11वीं क्लास स्टार्ट हुई तो मैं ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंट हो गया था। मुझे सब्जेक्ट से रिलेटेड थोड़ा बहुत आता था। लगने लगा कि मुझे बहुत ज्यादा आता है। और मैं भूल गया कि किसी भी चीज को करने का एक तरीका होता है। जब मैं 11वीं में आया तो पढ़ाई का तरीका अस्थ-व्यस्थ हो गया। ज्यादा आगे बढ़ने के चक्कर में इधर उधर की चीजों पर फोकस करने लगा। कोचिंग और आपकी बातों को टालने लगा। 11वीं के रेंडमली टॉपिक को कवर करने लगा। इससे मेरा दिमाग दूसरी चीजों में भटकने लगा। शायद मुझे एक प्रॉपर टाइम टेबल बनाकर पढ़ना चाहिए था। ज्यादा पढ़ने के चक्कर में ऐसी टॉपिक को पढ़ने लगा जो रेलिवेंट नहीं थे। इससे मेरा कॉन्फिडेंस डाउन हो गया। मेरा पढ़ने में मन हटने लगा। आई एम सॉरी, मैं पकड़ नहीं पाया। कुछ लोग मुझे डिस्ट्रिक्ट करने के लिए बुलाते थे। ताकि मैं क्लास न कर पाऊ। मैं पकड़ नहीं पाया। मेरी भी गलती है कि मैं अपने आप मे ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस हो गया। आप जैसे मां बाप सबको मिले जो हमेशा साथ दे। गलती मेरी ही थी। जो मैंने आपकी बातें नहीं मानी। अपने ढंग से करता रहा। मैंने सेल्फ स्टडी कम कर दी। जैसे 10 क्लास में पढ़ता था, वो छोड़ दी। फोन पर ही डिपेंड हो गया। आई एम सॉरी मुझे आपकी बातें मान लेनी चाहिए थी। आई एम सॉरी। दिस टाइम आई एम फेल।

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