खिलाड़ी ने दानिश पर साधा निशाना, बोले-सीएम गहलोत के बयान के बाद पता लग गया कौन जयचंद और रायचंद था।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
एससी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का बिल विधानसभा में नहीं रखे जाने से नाराज एससी आयोग के चेयरमैन और बसेड़ी से कांग्रेस विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने एक बार फिर गहलोत सरकार पर जुबानी हमला बोला है। खिलाड़ी बैरवा ने कहा कि सवाई माधोपुर में मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए बयान से साफ है कि कांग्रेस में रायचंद और जयचंद कौन थे? बैरवा ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सबको पता चल चुका है कि कौन पल-पल की खबर पहुंचा रहा था और जयचंद और रायचंद की भूमिका में थे अब यह जयचंद और रायचंद उन 102 विधायकों से बढ़कर हो गए। जिन्होंने सरकार बचाने में अहम भूमिका अदा की थी और 35 दिनों तक बाड़ेबंदी पर रहे थे। बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान से 102 विधायकों को चोट पहुंची है। दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में सवाई माधोपुर दौरे के दौरान कहा था कि अगर विधायक दानिश अबरार पल-पल की खबर मुझे और पार्टी आलाकमान को नहीं देते तो आज मेरी जगह कोई और मुख्यमंत्री होता। दानिश अबरार की सूझबूझ से हमारी सरकार बच गई।बता दे, कि दानिश अबरार को पहले सचिन पायलट का बेहद करीबी माना जाता था लेकिन सियासी संकट के दौरान वो सचिन पायलट कैम्प का साथ छोड़कर गहलोत कैम्प में शामिल हो गए थे।
पायलट ही जुटा सकते हैं भीड़।
खिलाड़ी लाल बैरवा ने एक बार फिर सचिन पायलट को जल्द से जल्द मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि देशभर में गांधी परिवार के बाद सचिन पायलट अकेले ऐसे नेता है जो भीड़ जुटाने का दम रखते हैं। ऐसे में आलाकमान को जल्द से जल्द सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। अगर समय रहते मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो फिर आने वाले चुनाव में पार्टी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एससी मतदाताओं की सुध नहीं ली तो भुगतना पड़ेगा परिणाम।
इधर अनुसूचित जाति के मतदाताओं को लेकर बैरवा ने कहा कि एससी मतदाता हमेशा कांग्रेस को वोट देता आया है और वह चाहता है कि ऐसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिले।सरकार के पास अभी भी समय है सरकार को चाहिए कि जालौर मामले में मृतक के परिवार वालों को 50 लाख रुपए और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दें जिससे एससी मतदाता कांग्रेस के साथ बना रहे।

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