करोड़ों की जब्त शराब में हुआ बड़ा घोटाला, कागजों में नष्ट बताकर पुलिस ने तस्करों को बेची शराब।

डूंगरपुर-प्रवेश जैन।
भ्रष्टाचार के मामले में सुर्खियों में रहने वाली डूंगरपुर पुलिस पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे है। जिले की बिछीवाड़ा पुलिस पर जब्तशुदा शराब के निस्तारण के दौरान लाखो की शराब निस्तारित नही कर तस्करों को बेच देने ओर अवैध शराब से भरी ट्रक पकड़ने के बाद बदनीयती से ट्रक चालक को भगा देने के आरोप लगे है। शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राशि डोगरा ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। वही मामले में एएसपी, बिछीवाड़ा थानाधिकारी और मालखाना प्रभारी को निलंबित किया गया है। दो कांस्टेबल लाइन हाजिर किये गए है। दरअसल डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर निस्तारण समिति की मौजूदगी में 25 व 26 अगस्त को अवैध शराब के निस्तारण की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में वर्ष 2012 से 2020 के बीच 26 मुकदमों की 9 हजार कार्टन से अधिक शराब को नष्ट करना बताया था। जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक थी। इसी बीच 2 सितंबर को गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने महिसागर जिले के कोटम्बा थाना क्षेत्र में अवैध शराब से भरी एक कार को जब्त किया था। कार सवार तस्कर मौके से भाग गए थे। कार्रवाई में गुजरात की कोटम्बा पुलिस ने कार से वर्ष 2015 और 2016 की हरियाणा निर्मित सवा 2 लाख रुपये की शराब जब्त की थी। इधर डूंगरपुर एसपी राशि डोगरा को शिकायत मिली थी कि गुजरात में जब्त की गई शराब बिछीवाड़ा थाने में निस्तारित की गई शराब का हिस्सा हो सकती है। क्योंकि गुजरात पुलिस द्वारा जब्त की गई शराब का वर्ष वही था जिस वर्ष की शराब बिछीवाड़ा थाने में नष्ट बताई गई है। ऐसे में एसपी राशि डोगरा ने टीम का गठन कर विभागीय जांच शुरू करवाई। इधर विभागीय जांच शुरू होने से एसपी राशि डोगरा ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर बिछीवाड़ा थाने के माल खाना इंचार्ज हेड कांस्टेबल रतनाराम को निलंबित कर दिया है। वही बिछीवाड़ा थाना अधिकारी रणजीत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। लाइन हाजिर किये जाने के बाद उदयपुर रेंज आईजी ने थानाधिकारी को निलंबित कर दिया। इधर आठ सदस्यीय निस्तारण समिति में शामिल डूंगरपुर एएसपी अनिल मीणा की भूमिका भी संदिग्ध मानते हुए निलंबित कर दिया है। 
बिछीवाड़ा थाने में चल रहा जब्त शराब का भौतिक सत्यापन।
डूंगरपुर एसपी राशि डोगरा की ओर से इस पूरे मामले की गंभीरता से विभागीय जांच करवाई जा रही है। इसके साथ ही एसपी राशि डोगरा की ओर से बिछीवाडा थाना पुलिस द्वारा अब तक जब्त की गई अवैध शराब के कार्टन का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जिसमे गठित टीम द्वारा एक-एक मुक़दमे में जब्त एक-एक शराब के कार्टन की गिनती की जा रही है। थाने में जिस जगह गड्ढा खोद कर शराब की टूटी बोतले निस्तारित की गई वहां पर वापस खुदाई कराई गई जहां से भी कई तथ्य मिले है। 
शराब तस्करों से गठजोड़ मामले में 2 कांस्टेबल भी लाइन हाजिर।
इधर बिछीवाड़ा थाना पुलिस का शराब तस्करों से गठजोड़ का एक ओर मामला भी पिछले दिनों सामने आया था। 29 अगस्त को गुजरात की सीमा रतनपुर बॉर्डर पर अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। इस मामले में भी रतनपुर चौकी स्टाफ पर शराब तस्करों से गठजोड़ करते हुए ट्रक चालक को पकड़ने के एक घंटे बाद उसे बदनीयती से भगा देने की शिकायत मिली थी। इस मामले में भी एसपी राशि डोगरा ने रतनपुर चौकी पर तैनात कांस्टेबल कुणाल जोशी और देवीसिंह को लाइन हाजिर करते हुए मामले की जांच सागवाडा डिप्टी को सौप दी है।बहराल इस पूरे मामले की जांच एसपी राशी डोगरा के निर्देश पर करवाई की जा रही है। वही जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस व शराब तस्करों के बीच के गठजोड़ का खुलासा हो पायेगा। लेकिन पिछले कुछ माह पहले शराब ठेकेदारो से बंदी के रूप में रिश्वत मामले में दो थानाधिकारी सहित चार पुलिस कर्मियों के पकडे जाने ओर अब इस प्रकरण से  डूंगरपुर पुलिस की छवि धूमिल हुई है। खैर अब देखने वाली बात होगी कि जिले में बिगड़ रही पुलिस की छवि को सुधारने के लिए कप्तान राशि डोगरा आगे क्या सख्त कदम उठाती है।

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