राजस्थान विनियोग विधेयक विधानसभा में पारित।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2022 को पारित कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति को सुधारा है और पूरी तरह से राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (एफबीआरएम) का पालन किया है। राज्य का राजकोषीय घाटा 5 प्रतिशत से कम रहा है, जबकि 2016-17 में यह 6.09 प्रतिशत था।उन्होंने बताया कि सरकार की ऑन टैक्स रेवेन्यू में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि नॉन टैक्स रेवेन्यू में 23 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार के बेहतर वित्तीय प्रबंधन की वजह से अगस्त, 2021 में राजस्व प्राप्तियां 90 हजार 11 करोड़ रूपये प्राप्त हुई थी, जो इस वर्ष अगस्त में 1 लाख 30 हजार 777 करोड़ पहुंच गई है। कल्ला ने बताया कि सरकार ने अनुपूरक अनुदान की मांगे आरजीएसएस, ईआरसीपी, नेहरू यूथ हॉस्टल (दिल्ली), इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना, जयपुर मेट्रो, उड़ान इत्यादि के क्रियान्वयन के लिए ली है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद कैपिटल असेट्स बनाना और पैसे का सदुपयोग करना है। कल्ला ने विधेयक को सदन में रखते हुए बताया कि यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2022-23 की सेवाओं के लिए राज्य की समेकित निधि में से कतिपय और राशियों के संदाय और विनियोजन को प्राधिकृत करने के लिए लाया गया है। विधेयक पारित होने से 4 हजार 402 करोड़ 12 लाख 18 हजार रूपये की राशि संदत्त और उपयोजित की जा सकेगी। इससे पूर्व विधानसभा ने अनुपूरक अनुदान की मांगे वर्ष 2022-23 (प्रथम संकलन) को भी पारित किया। प्रभारी मंत्री कल्ला ने मांगो का उपस्थापन किया जिसे सदन ने मुखबन्द का प्रयोग कर पारित कर दिया।

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