राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी बोले-चुनी हुई सरकारों को गिराना बीजेपी का प्रिय खेल।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद पहली बार जयपुर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। प्रमोद तिवारी ने केंद्र की मोदी सरकार की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से करते हुए कहा कि मोदी सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह फूट डालो और राज करो की नीति पर काम कर रही है, जिस तरह ईस्ट इंडिया कंपनी भाषा-धर्म, जाति, नस्ल, क्षेत्रवाद के आधार पर लोगों को बांट कर राज करती थी, उसी तरह से केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा भी धर्म- जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर लोगों पर बैठकर देश में राज करना चाहती है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जो काम अंग्रेज करते थे वही काम आज केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी कर रही है। देश का इतिहास साक्षी है जब-जब हमें धर्म और भाषा के नाम पर बांटा गया हैं तो हम कमजोर ही नहीं बल्कि गुलाम हुए हैं और जब धर्म और जाति से ऊपर उठकर काम किया है तो देश मजबूत हुआ है और भारत एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है।
बीजेपी के सेल की तरह काम कर रही है संवैधानिक संस्थाएं।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि आज देश की कई संवैधानिक संस्थाएं बीजेपी के सेल की तरह काम कर रही हैं, जो अपना दायित्व भूल चुकी हैं।
8 सालों में 23 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के नीचे धकेला।
तिवारी ने कहा कि यूपीए सरकार ने अपने शासनकाल में 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया था और केंद्र की मोदी सरकार ने अपने 8 साल के शासन में 23 करोड़ों लोगों को जिन्हें कांग्रेस की यूपी सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर उठाया था उन्हें वापस गरीबी रेखा के नीचे धकेल दिया।
2 उद्योगपतियों पर मेहरबान है मोदी सरकार।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि 2014 में सरकार बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने देश को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे लेकिन सत्ता में आने के बाद देश की भलाई का तो कोई काम नहीं किया और चंद उद्योगपतियों का ही भला किया, उनमें भी खासकर दो ही उद्योगपति ऐसें हैं जिन पर सबसे ज्यादा मेहरबानी रही।
मोदी सरकार हम दो हमारे दो के फॉर्मूले पर ही काम रही है। 
प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि जो व्यक्ति पूरा कर्जे में डूबा हुआ था वो आज एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति बन गया है और दुनिया का नंबर 3 धनवान व्यक्ति बन गया है यह इसलिए हो पाया क्योंकि आजादी के बाद 70 सालों में देश की जो संपत्तियां थी वो इंन दो उद्योग पतियों को बेच दी गई, और वो भी नाम मात्र के पैसे पर, आज ट्रेन, एयरपोर्ट बंदरगाह सब अडानी को सौंप दिए हैं वो दिन दूर नहीं जब भारतीय रेल की जगह अडानी रेल चलने लगेंगी। प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि जो व्यक्ति कर्जे में डूबा हुआ हो वो 8 साल में दुनिया का तीसरा सबसे अमीर व्यक्ति बन जाए, यह इमानदारी के बिजनेस से संभव नहीं है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि आज देश के सामने तीन बड़ी चुनौती है बेरोजगारी, सामाजिक भेदभाव और आर्थिक केंद्रीकरण तीन प्रमुख समस्याएं हैं आज देश में गरीब और गरीब हो रहा है और अमीर और अमीर हो रहा है।
चुनी हुई सरकारों को गिराना बीजेपी का प्रिय खेल।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिस तरह से रियासत काल में राजा महाराजाओं का प्रिय खेल शतरंज होता था उसी तरह से मोदी सरकार में बीजेपी का प्रिय खेल चुनी हुई सरकारों को धनबल और जांच एजेंसियों के जरिए गिराना है, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक सहित कई राज्यों में चुनी हुई सरकारों को गिराया गया।
सवाल पूछने वालों को जांच एजेंसियों से डराती है मोदी सरकार।
तिवारी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को मुद्दों पर संसद में बोलने नहीं दिया जाता है, और जो लोग केंद्र सरकार से मुखर होकर सवाल करते हैं उन्हें ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स से डराया जाता है कई राजनीतिक लोग आज डरे सहमे रहते हैं। राहुल गांधी ने भी कहा कि वो ईडी से नहीं डरते हैं।
इसलिए निकाली जा रही है भारत जोड़ो यात्रा।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा निकालने के पीछे मकसद यही है कि आज देश में जो हालात बने हुए हैं, देश को बचाने और लोगों में जन जागरूकता के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली जा रही है, प्रमोद तिवारी ने कहा कि 7 सितंबर से कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाली जाएगी जिसमें प्रत्येक दिन 25 किलोमीटर की पदयात्रा होगी 150 दिन में 3500 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा।
गांधी परिवार से हो राष्ट्रीय अध्यक्ष।
वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी परिवार से ही होना चाहिए। चाहे तीनों में से कोई भी हो। हालांकि तिवारी ने खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।

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