कांग्रेस संगठन चुनाव संपन्न होने से पहले संगठन प्रभारी संजय निरुपम को हटाना बना राजनीतिक चर्चा का विषय।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस में संगठन चुनाव संपन्न होने से पहले ही संगठन प्रभारी संजय निरुपम की संगठन चुनाव प्रभारी पद से हटा दिया है। अचानक वे बदलाव को देखते हुए राजनीतिक क्षेत्र में अब चर्चा जोरों पर होने लगी है कि आखिर संजय निरुपम को हटाया क्यों गया है ? प्रदेश में गहलोत और पायलट गुट के बीच चल रहे मनमुटाव को देखते हुए यह बदलाव निश्चित तौर पर कोई नया संदेश दे रहा है। संजय निरुपम को राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है। बावजूद उसके निरुपम हटाया जाना कांग्रेस में जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। जब 17 सितंबर को जयपुर में 400 नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों की बैठक होनी है और प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रस्ताव तैयार होकर दिल्ली भेजे जाने हैं। कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की ओर से 400 प्रदेश कांग्रेस सदस्यों की सूची प्रदेश मुख्यालय आ चुकी है। इसके बावजूद भी प्रदेश कांग्रेस सदस्यों की सूची को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। जबकि 17 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सुबह 11:00 बजे होने वाली 400 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त सदस्यों की बैठक होनी है इस बैठक में शामिल होने के लिए सभी नवनियुक्त सदस्यों को सूचना भेजी जानी है इसके बावजूद भी सूची को सार्वजनिक नहीं करना एक चर्चा का विषय बना हुआ है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की ओर से जैसलमेर, बाड़मेर, डूंगरपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, पाली ,सिरोही जैसे जिलों के नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस सदस्य को फोन करके सूचना दे दी गई है और उन्हें जयपुर आने के निर्देश दिए गए हैं तो वहीं शुक्रवार को जयपुर, दौसा, सीकर, झुंझुनू, अलवर, भरतपुर,सवाई माधोपुर, टोंक, करौली जैसे जिलों से प्रदेश कांग्रेस सदस्यों को सूचना भेजी जानी है। 17 सितंबर को सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होने वाली 400 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य की बैठक में प्रभारी अजय माकन और प्रदेश संगठन चुनाव के सह प्रभारी राजेंद्र चंपावत बैठक लेंगे, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के नाम का प्रस्ताव के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर भेजा जाना प्रस्तावित है। उसके बाद उस प्रस्ताव को केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। वहीं दूसरी और 17 सितम्बर को होने वाली बैठक पर सभी की नजर रहेगी। इस बैठक में इस बात पर फोकस रहेगा कि 400 प्रदेश कांग्रेस के सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए किस के नाम का प्रस्ताव लेकर आते हैं, क्या प्रदेश कांग्रेस के सदस्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव लाते हैं? या फिर किसी अन्य नेता का नाम का प्रस्ताव लेकर आते हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से लगातार इनकार कर रहे हैं तो वहीं इस पद के लिए सीएम अशोक गहलोत, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद मुकुल वासनिक, सांसद शशि थरूर और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम भी चर्चा में है। इन्हीं नेताओं में से किसी एक के नाम पर मुहर लगेगी। जयपुर जिले से इन नेताओं के नाम प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त सदस्यों की सूची में खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, जलदाय मंत्री डॉ.महेश जोशी, पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया,गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव,विधायक अमीन कागजी, रफीक खान,गंगा देवी,वेद प्रकाश सोलंकी,इंद्राज गुर्जर, मनीष यादव,गोपाल मीणा, राजसीको अध्यक्ष राजीव अरोड़ा,केंद्रीय कल्याण समिति की अध्यक्ष अर्चना शर्मा, प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी, ललित तूनवाल, मुमताज मसीह,प्रशांत सहदेव शर्मा,गिरिराज गर्ग,पुष्पेंद्र भारद्वाज,ज्योति खंडेलवाल, अनिल पारीक, संजीता सिहाग के नाम शामिल है।

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