सहकारी समितियों में कार्मिकों को वेतन देने का कार्य ग्राम सेवा सहकारी समिति का-सहकारिता मंत्री।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने विधानसभा में कहा कि सहकारी समितियों के कार्मिकों की नियुक्ति ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) द्वारा होता है तथा समिति के द्वारा ही इनका वेतन दिया जाता है। आंजना ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि राज्य सरकार द्वारा सहकारी समितियों को मजबूत करने तथा आवश्यकतानुसार खर्च करने के लिए 2 प्रतिशत की राशि समितियों के बचत खातें में जमा करवाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 2 प्रतिशत राशि इन समितियों के कार्मिकों के वेतन के पेटे में नहीं होती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 2 प्रतिशत राशि समितियों के बचत खातें में जमा करवाई जा चुकी है। इससे पहले आंजना ने विधायक मंजीत धर्मपाल चौधरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि दी राजस्थान स्टेट कोपरेटिव बैंक लि. (शीर्ष बैंक) से प्राप्त सूचना अनुसार राज्य में 13 केन्द्रीय सहकारी बैंकों की 1 हजार 117 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के 1 हजार 483 कार्मिकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा। आंजना ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समय पर ऋण का चुकारा करने वाले कृषकों के ऋण के पेटे 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि सीधे ही केन्द्रीय सहकारी बैंकों को जमा की जाती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ब्याज मुक्त फसली ऋण योजनान्तर्गत उक्त ब्याज अनुदान राशि में से केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के बचत खाते में जमा की जाती है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के खातों में 2 प्रतिशत ब्याज राशि अनुदान पेटे जमा की गई है। उन्होंने इसका बैंकवार विवरण सदन के पटल पर रखा।

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