उपराष्ट्रपति धनखड़ ने खुदको बताया मिट्टी का लाल, हर दिन गांव को याद करने की कही बात।

  झुंझुनू ब्यूरो रिपोर्ट।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज किसान परिवार का कोई व्यक्ति इस पद तक पहुंचा है, इसे देखकर आज संविधान निर्माता को बहुत बड़ा सुख मिलेगा। गुरुवार को किठाना में आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि मैं इसी मिट्टी का लाल हूं और हर दिन गांव को याद करता हूं। धनखड़ प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए बोले कि उनकी पृष्ठभूमि देखकर लगता है कि हालात अब बेहतर होते जा रहे हैं। उन्होंने  लोगों से अपील करते हुए कहा कि लड़के-लड़की में फर्क मत करो और उन्हें जो करना है करने दो। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने केंद्र की उज्जवला योजना की तारीफ की और पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया।
धनखड़ ने कार्यक्रम में कहा कि उपराष्ट्रपति या राज्यपाल बनने के बाद हमारी गांड़ियों के कांच नीचे नहीं होते हैं, लेकिन यह हमारी मजबूरी है। सुरक्षा के चलते हमें ऐसी गाड़ियों में चलना होता है, लेकिन यह मत समझना हम आपसे दूर हैं। उन्होंने कहा कि गांव गांव में हर व्यक्ति और परिवार को सरकारी योजनाओं का फायदा लेना चाहिए। उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव किठाना (झुंझुनूं) पहुंचे जगदीप धनखड़ का भव्य स्वागत किया गया। सुबह आर्मी के हेलीकॉप्टर से पैतृक गांव आए धनखड़ सबसे पहले अपने आराध्य बालाजी के दर्शन करने पहुंचे।
इससे पहले मंदिर तक के रास्ते में हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। मंदिर में पूजा-अर्चना करने और भगवान का अशीर्वाद लेने के बाद वे अपने घर पहुंचे। यहां वे अपने दोस्तों और परिवारजनों से मिले। उपराष्ट्रपति गांव के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के स्कूल की नई बिल्डिंग का भी शिलान्यास किया। धनखड़ ने अपनी पांचवी क्लास तक की पढ़ाई यहीं से की है। यहां पहुंचने बच्चों ने उनका अभिनंदन किया। सभी बच्चे देश के उपराष्ट्रपति धनखड़ को अपने बीच पाकर काफी खुश दिखे। इसके बाद उपराष्ट्रपति ने खाटूश्यामजी मे दर्शन कर देश की खुशहाली की कामना की।

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