PTI भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बना सरकारी शिक्षक, 7 लाख रूपये में किया सौदा।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर की झोटवाड़ा थाना पुलिस ने पीटीआई भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया है। झोटवाड़ा थाना इलाके में श्री भवानी निकेतन महिला महाविद्यालय में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए शातिर आरोपी मोहनलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सरकारी स्कूल में अध्यापक है औऱ दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के लिए 7 लाख रुपये में सौदा किया था।डीसीपी वेस्ट वंदिता राणा के मुताबिक 25 सितंबर को जयपुर शहर में विभिन्न स्कूलों में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से फिजिकल ट्रेंनिंग इंस्ट्रक्टर (पीटीआई) सीधी भर्ती परीक्षा 2022 दो पारियों में आयोजित की गई थी। जिसमें एक परीक्षा केंद्र श्री भवानी निकेतन महिला महाविद्यालय सीकर रोड पर था। परीक्षा के दौरान पीसीआर से सूचना मिली थी कि श्री भवानी निकेतन महिला महाविद्यालय में एक परीक्षार्थी पकड़ा गया है। सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने परीक्षा केंद्र अधीक्षक ममता यादव और कॉलेज प्रशासन के सहयोग से तस्दीक की। परीक्षा की द्वितीय पारी के शुरू होने से पहले कमरे में बैठे परीक्षार्थी मनोहर लाल को सही नाम पता और रोल नंबर के संबंध में पूछताछ कर जानकारी ली गई। पूछताछ में पाया गया कि जो अभ्यर्थी परीक्षा देने आया था वह असली परीक्षार्थी नहीं था। पूछताछ पर फर्जी परीक्षार्थी ने बताया कि इस परीक्षा केंद्र पर पहली पारी में वह मनोहर लाल की जगह परीक्षा दे चुका था। सख्ती से पूछताछ पर उसने बताया कि उसका असली नाम मोहनलाल विश्नोई है जो कि जालोर निवासी है। स्कूल प्रशासन की रिपोर्ट पर थाने में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का प्रयोग अधिनियम 2022 में प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गुरुशरण राव की ओर से की जा रही है। पुलिस ने जालोर निवासी आरोपी मोहनलाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी वर्तमान में सरकारी स्कूल में सेकेंड ग्रेड का अध्यापक है। वह दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। परीक्षा देने के लिए 7 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। परीक्षा फार्म भरते समय आरोपी ने अपनी फोटो मनोहर लाल के फार्म पर चस्पा कर दी थी। आधार कार्ड में भी फोटो एडिटिंग करवा दी गई थी। आरोपी के कब्जे से एडिट किया हुआ आधार कार्ड और प्रथम पारी की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी के साथ ही प्रवेश पत्र बरामद किया गया है।

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