RAS अधिकारी ने हनुमानजी को बताया बंदर, देवताओं को बताया रेपिस्ट, बाद में मांगी माफी।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के एक अफसर के जरिए हिंदू देवी-देवताओं पर भद्दे कमेंट का मामला सामने आया है। जिसके बाद आरएएस अधिकारियों के ग्रुप में देवी देवताओं पर टिप्पणी को लेकर कई आरएएस अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। दरअसल उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव केसरलाल मीणा की ओर से ग्रुप में एक मैसेज  फॉरवर्ड किया गया था जिसमें देवी देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बाते लिखी हुई थी।  मैसेज में हत्यारे, लुटेरे, व्यभियाचारी, धोखेबाज और बलात्कारी लोगों को देवी देवता बताया था। 
जिसको लेकर कई आरएएस अधिकारियों ने नाराजगी जहिर की। मामले की संगीनता को समझते हुए उन्होंने बाद में इस पर सॉरी भी लिखा और मैसेज भी डिलीट कर दिया। इस मामले में आरएएस केसरलाल मीणा ने  इस बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह मैसेज गांव के एक ग्रुप से आया था। जो गलती से आरएएस के ग्रुप में चला गया। जिसे देखने के बाद मैंने उसे तत्काल डिलीट भी कर दिया।  इसके लिए मैंने सॉरी भी मांग ली। उन्होंने कहा कि में खुद 365 दिन हवन यज्ञ करने वाला व्यक्ति हूं। हमारे गांव में आश्रम पर 365 दिन हवन चलता है। जिसमें मैं भी सहयोग करता हूं। इसके साथ ही अन्य आरएएस अधिकारियों ने भी कहा कि मामले में उन्होंने सॉरी मांग लिया है और वह खत्म हो गया है। गलती से मैसेज हो गया था। बता दे, कि आरएएस एसोसिएशन के ग्रुप में राज्य के 500 से ज्यादा अफसर जुड़े हुए। आरएएस राज्य की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा मानी जाती है।
यह था मामला।
गुरुवार देर रात एक व्हाट्सएप्प ग्रुप में यह विवादित मैसेज फॉरवर्ड किया गया था। मैसेज में हनुमानजी को बंदर लिखा गया है। देवी-देवताओं को रेपिस्ट बताया। इसके अलावा मैसेज में भगवान कृष्ण, विष्णु और सीताजी सहित कई आराध्यों पर भद्दे कमेंट भी किए गए है। केसर लाल मीना ने जैसे ही ये मैसेज फॉरवर्ड किया, ग्रुप में मौजूद दूसरे RAS अधिकारी चौंक गए। एक के बाद एक कई अफसर 20 मिनट तक मैसेज के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जताते रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack