बेखौफ बदमाशों ने 108 साल की बुजुर्ग के काटे पैर, चांदी के कड़े लूटकर हुए फरार।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर मे बदमाशों ने 108 साल की बुजुर्ग महिला के पैर काटकर चांदी के कड़े लूटकर ले जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है।वारदात की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल कर लुटेरों का सुराग लगाने में जुट गई है। डीसीपी नॉर्थ परिस देशमुख ने बताया कि बास बदनपुरा मीणा कॉलोनी में अल सुबह तकरीबन 5:30 बजे यह वारदात घटित हुई है। वारदात के वक्त वृद्धा घर पर अकेली बताई जा रही है। वारदात का शिकार हुई 108 वर्षीय जमुना देवी सुबह घर पर अकेली थी और उसकी बेटी मंदिर गई हुई थी। इसी दौरान घर में घुसे बदमाश जमुना देवी को घसीट कर बाथरूम में ले गए और दोनों पैरों के पंजे काटकर चांदी के कड़े लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश वारदात में प्रयुक्त हथियार को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।जमुना देवी की बेटी जब मंदिर से वापस लौटी तब जाकर उसे वारदात का पता चला और आसपास रहने वाले लोगों की मदद से तुरंत जमुना देवी को एसएमएस अस्पताल के ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। पुलिस ने वारदात स्थल से वृद्धा के कटे हुए पंजे और आरोपियों द्वारा वारदात में प्रयुक्त हथियार को बरामद किया है। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश मे जुट गई है। बता दे, कि वारदात का शिकार हुई जमुना देवी घर पर बेटी गोविन्दी और नातिन ममता के साथ रहती है। घर के उपर वाले पोर्शन में किराएदार रहते है। सुबह चार बजे जमुनादेवी को चाय पिलाने के बाद गोविन्दी ने उन्हें बरामदे में खाट पर बिठा दिया और वह मंदिर चली गई। इसी दौरान बदमाश आए और जमुना देवी को बाहर बाथरूम में घसीट कर ले गए व पैर के पंजे काटकर चांदी के कड़े ले गए। बताया जा रहा है कि बदमाश उनके गले से जोल्या भी निकाल ले गए। सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर किराएदार नीचे आया तो बाथरूम में जमुना देवी लहूलुहान हालत में पड़ी हुई थी और उनके पैर के पंजे कटे हुए थे। यह देख वह चीखता-चिल्लाता हुआ बाहर आया और इसी दौरान जमुना देवी की बेटी गोविंदी भी मंदिर से वापस लौट आई। इस दौरान मकान के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। बदमाशों ने निर्ममता से बुजुर्ग के पैरों के पंजे काटे उसके बाद कड़ा निकालकर ले गए। दर्द से बुजुर्ग महिला रोती रही, लेकिन बदमाशों का दिल नहीं पिघला। परिजन कटे हुए पंजों को एसएमएस अस्पताल ले गए, ताकि उन्हें जुड़वाया जा सके। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है उससे ऐसा लगता है कि बदमाशों ने पहले रैकी की थी और उन्होंने जमुना देवी के भारी कड़े के बारे में पूरी जानकारी थी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack