एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के तहत राजस्थान के चार मंत्रियों और 7 विधायकों को देना होगा इस्तीफा।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 
कांग्रेस की राजनीति में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के कार्यभार ग्रहण करने के बाद सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों, राष्ट्रीय महासचिव और राज्यों के प्रभारियों द्वारा इस्तीफे देने की खबर से राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश में 2 पदों पर बैठे चार मंत्रियों और 7 विधायकों को भी इस्तीफा देना पड़ सकता है।प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भी इस पहल को ध्यान में रखकर ही चार मंत्रियों और 7 विधायकों से तत्काल इस्तीफा लेने की कवायद करनी पड़ेगी। यह बात भी सही है कि नए प्रदेश अध्यक्ष का फैसला भी अब  खड़गे को ही करना है।  इसकी नियुक्ति में भी अधिक समय नहीं लगेगा। प्रदेश कांग्रेस के नए पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों के साथ ही 400 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में भी 50 प्रतिशत युवाओं को पद देने पड़ेंगे। ऐसे में कांग्रेस में युवाओं को अहम भूमिका मिलने की संभावनाएं बढ़ गई है ।प्रदेश की राजनीति में अब सचिन पायलट की भूमिका भी अहम हो जाएगी। अब तक सीएम गहलोत अपने स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियां करते रहे हैं लेकिन अब इसमें परिवर्तन आ जाएगा और सीएम गहलोत पर राजनीतिक नियुक्तियां पर अंकुश लग जाएगा। खड़गे ने भी अपने शपथ ग्रहण समारोह के समय राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेंद्र बघेल को ज्यादा अहमियत नहीं दी। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में दोनों राज्यों में व्यापक फेरबदल किया जा सकता है। राजस्थान में बगावत करने वाले संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी और राजस्थान पर्यटक विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।फिलहाल अनुशासन समिति ने अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है ऐसे में अगर अनुशासन समिति इन तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करती है तो निश्चित तौर पर पार्टी में अन्य नेता भी बगावत करने कि भविष्य में नहीं  सोच पाएंगे। प्रदेश कांग्रेस में मौजूदा स्थिति में प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर राहत मंत्री गोविंद मेघवाल, राजस्व मंत्री रामलाल जाट, जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय और मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक डॉ जितेंद्र सिंह है। इसके अलावा महासचिव पद पर विधायक जी आर खटाणा, हाकम अली, प्रशांत बैरवा राकेश पारीक, रीटा चौधरी, वेद सोलंकी, लाखन मीणा है। अब इन सभी को एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत अपनाते हुए किसी ने एक पद को छोड़ना पड़ेगा। ऐसे में अब नए प्रदेशाध्यक्ष के अनुरूप प्रदेश कार्यकारिणी का नए सिरे से नए अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे की सिफारिश पर गठित की जाएगी।राष्ट्रीय पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद अब राजस्थान में भी पर इस्तीफा का दौर शुरू हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी 1 पखवाड़े में राजस्थान के सत्ता और संगठन में व्यापक बदलाव होने की संभावना बनी हुई है।

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