धनतेरस के साथ आज से शुरू होगा छह दिवसीय दीपावली महोत्सव, बाजारों को धन वर्षा की उम्मीद।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
इस बार धनतेरस दो दिन की मनेगी। प्रदोष काल में आज धनतेरस की तिथि रहेगी। त्रयोदशी तिथि आज दोपहर 4:04 से शुरू होकर 23 अक्टूबर रविवार की शाम 4:35 बजे तक रहेगी। आज ही प्रदोष व्रत भी रहेगा। ऐसे में आज ही धनतेरस मनाई जाएगी, क्योंकि धनतेरस प्रदोष के दिन ही रहती है। त्रिपुष्कर योग में धनवंतरी जयंती के साथ धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में गौधूली समय 6:02 से 8:17 मिनट तक रहेगा। बाजारों में धन वर्षा होगी। आध्यात्मिक गुरु हरीमोहन शर्मा ने बताया कि दीपावली पर गुरु ग्रह अपने स्वराशि मीन और शनि अपने स्वराशि मकर में रहेगा। जबकि शुक्र ग्रह तुला राशि में रहेगा। इसके साथ ही छह दिवसीय दीपावली महोत्सव की शुरूआत शनिवार से यानी की 22 अक्टूबर धनतेरस से शुरू होकर 27 अक्टूबर भाई दूज तक मनाया जाएगा।
नरक चौदस व रूप चतुर्दशी।
23 अक्टूबर रविवार को सर्वार्थ सिद्धी, अमृत सिद्धी योग के साथ कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 23 अक्टूबर की शाम 4: 35 से प्रारंभ होगी। नरक चतुर्दशी तिथि का समापन 24 अक्टूबर 2022 को शाम 4:34 पर होगा। इस साल नरक चतुर्दशी, रूप चौदस यमदीप दान एक ही दिन 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा मान्यतानुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस की कैद से 16008 रानियों को मुक्त कराया था। इस दिन को छोटी दीपावली भी कहा जाता है।
अमावस्या तिथि और लक्ष्मी पूजा।
24 अक्टूबर सोमवार की दोपहर 4.34 बजे से शुरू होगी और दूसरे दिन 25 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 4:04 बजे तक रहेगी। यही वजह है कि माता लक्ष्मी का पूजन 24 अक्टूबर सोमवार को होगा। वैधृति योग में लक्ष्मी पूजा का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय शाम 6:55 से 8:54 तक स्थिर लग्न वृष रहेगी। रात्रि में 10:30 से 12 तक लाभ में मुहूर्त रहेगा।
दीपावली के अगले दिन 25 को रहेगा ग्रहण।
दीपावली की देर रात से ही सूर्य ग्रहण का सूतक शुरू हो जाएगा। सूर्य ग्रहण का सूतक 25 अक्टूबर की तड़के 4.23 बजे से प्रारंभ होगा। 25 अक्टूबर मंगलवार को दिन में 4:23 स्पर्श, मध्य 5:28, मोक्ष 6:25 बजे होगा। ग्रहण काल में मंदिरों के पट बंद रहेंगे। शाम सात बजे पूजा-पाठ के बाद खोले जाएंगे। ग्रहण से राशियों पर भी प्रभाव रहेगा। इसमें मेष-धन लाभ, वृष-साथी कष्ट, मिथुन-शुभ समाचार, कर्क-प्रतिष्ठा, सिंह-विवाद, कन्या-सम्मान, तुला-कष्ट, वृश्चिक-हानि, धनु-सम्मान, मकर-शुभ, कुंभ-आद्यात, मीन-विवाद रहेगा।
ग्रहण के चलते अगले दिन होगी गोवर्धन पूजा।
26 अक्टूबर बुधवार को अन्नकूट महोत्सव एवं गोवर्धन पूजन होगी। 27 अक्टूबर गुरूवार भाईदोज, भगवान चित्रगुप्त कलमदवात पूजा के साथ दीपावली के त्योहार का समापन होगा।

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