मंदिर माफी की जमीन पर कब्जा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पर लगे आरोप।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली में आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने प्रेस वार्ता कर भूमाफियाओ द्वारा मंदिर माफी जमीन पर कब्जा कर भूखंड बेचने के आरोप लगाए हैं। कथित तौर पर आरटीआई कार्यकर्ता ने भूमाफियाओं से राजस्व कार्मिक और नगर परिषद पर भी सांठगांठ के आरोप लगाए हैं। इस दौरान पाठक ने जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह से भूमाफियाओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। वही मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने मीडिया से बातचीत करते होते हुए बताया कि करौली के पटवार हल्का 8 में खसरा नंबर 795 से 800, 827, 828, 846 से 851, 863 से 871, 874 से 881 कुल खसरा 31 क्षेत्रफल 20.17 (बीघा) राजस्व रिकॉर्ड में सेटलमेंट की संवत 2015 की जमाबंदी के अनुसार मंदिर माफी के नाम से दर्ज है। इस भूमि को राजस्व कर्मियों से सांठगांठ करके परमानंद दास चेला घनश्याम दास के नाम दर्ज हो गई। इस भूमि पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुद्दीन खान अतिक्रमण कर कॉलोनी बनाकर भूखंड बेच रहे हैं और अमीनुद्दीन की मां नगर परिषद करौली की सभापति है। नगर परिषद से भी इस भूमि पर फर्जकारी कर पट्टा जारी करने की कार्यवाही की जा रही है।
राजनैतिक संरक्षण के चलते राजस्व कर्मी बैठे आंखें मूंदे।
आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने बताया कि राज्य व देश के कानून तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर दिए गए अनेकों निर्णयों के अनुसार पुजारी मंदिर का प्रबंधन करेगा, मन्दिर की जमीन की देखभाल करेगा। लेकिन पुजारी किसी भी मंदिर की जमीन या संपत्ति का मालिक नहीं हो सकता। मन्दिर की सम्पत्ति का मालिक उसका देवता ही होता है। भू राजस्व के रिकॉर्ड में देवता के स्थान पर पुजारी का नाम जुड़ जाने की दशा में राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कर देवता का नाम दर्ज करना राजस्व विभाग का दायित्व है। उक्त प्रकरण में राजस्व कर्मी सब कुछ जानते हुए भी इस कृत्य में लिप्त हैं।
डीएम से एक्शन लेने की मांग।
अशोक पाठक ने जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह से मांग करते हुए कहा कि उक्त मंदिर माफी की भूमि व उससे सटी हुई सिवायचक भूमि से भूमाफियाओं द्वारा किए गए कार्य को ध्वस्त किया जाकर सम्पूर्ण भूमि को राजकीय निगरानी में रखा जाए। साथ ही मन्दिर माफी की भूमि का पुराने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर मन्दिर माफी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। भूमाफियाओं से सांठ गांठ में लिप्त राजस्वकर्मियों को दंडित किया जाए। नगर परिषद द्वारा उक्त भूमि के संबंध में पट्टा जारी करने पर तत्काल रोक लगाई जाए। मंदिर माफी की भूमि व उससे सटी सिवायचक भूमि से समस्त अतिक्रमण को हटाया कर अतिक्रमणकारियाँ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता गजेंद्र भारद्वाज,मोतीलाल शाक्यवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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