यूआईटी कार्यालय के अधिकारियों का बिगड़ा ढर्रा, समय से नहीं पहुंचते कार्यालय।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
सरकार की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने के निर्देश जारी करने के बावजूद भी मोटा वेतन पाने वाले सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपनी लेटलतीफी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी को लेकर समय-समय पर राज-काज न्यूज की टीम द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करके धरातल पर हाल जानने का प्रयास करते है  जिसमें आज सुबह जिला मुख्यालय पर गांधीनगर क्षेत्र में संचालित हो रहे यूआईटी कार्यालय का निरीक्षण किया जिसमें पाया कि सवेरे 10:15 बजे तक भी अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे।
जब उपस्थित एक मात्र कर्मचारी से यूआईटी कार्यालय का हाल जानने का प्रयास किया तो उस कर्मचारी ने खुलकर तो कोई जवाब नहीं दिया लेकिन उनके जवाब से एक बात तो तय हो गई की सरकार की ओर से मोटा वेतन पाने वाले यूआईटी के अधिकारी और कर्मचारी सरकारी समय को नहीं मानकर अपने खुद के बनाए हुए करले समय से कर ले पहुंचते हैं।
वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों के देरी से पहुंचने के कारण आमजन के काम भी समय पर नहीं हो रहे हैं और आमजन को अपने कार्य को करवाने के लिए लगातार यूआईटी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लेकिन राजनीतिक रसूखे से ताल्लुक रखने वाले यूआईटी के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी आमजन के लिए नहीं सिर्फ समय व्यतीत करने और वेतन पाने और कमीशन खोरी के लिए इस कार्यालय में जमे हुए हैं।अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के कार्यों से कोई सरोकार नहीं है इस विभाग के कर्मचारी सिर्फ राजनेताओं के इशारे पर काम करते हैं पर आमजन जिनकी इन नेताओं तक पहुंच नहीं है। वह इस कार्यालय के चक्कर काट काट कर अपने आप को असहाय महसूस करते हैं। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारियों के इस मामले के संज्ञान में आने के बाद किस तरह से यूआईटी के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हैं l

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