महिलाओं के उत्थान के लिए गहलोत सरकार संकल्पित-मंत्री शाले मोहम्मद।

जैसलमेर-मनीष व्यास।
अल्पसंख्यक मामलात्, वक्फ, उपनिवेशन एवं सिंचित क्षेत्र विकास मंत्री शाले मोहम्मद ने अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि आज के समय में महिलाएं व बालिकाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं व बालिकाओं के उत्थान के लिए ढेरों योजनाएं संचालित कर उनको लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी बालिकाएं अपना परचम लहरा रही है। अल्पसंख्यक मामलात् मंत्री मोहम्मद मंगलवार को शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में जिला प्रशासन, शिक्षा एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के समापन समारोह के अवसर पर सम्भागियों को सम्बोधित करते हुए यह उद्गार व्यक्त किए। समारोह की अध्यक्षता जिला कलक्टर टीना डाबी ने की एवं नगर परिषद के सभापति हरिवल्लभ कल्ला, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अंजना मेघवाल, बीसूका उपाध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर, जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमीन खान, लोकपाल महानरेगा योगेश गज्जा, उपखण्ड अधिकारी दौलतराम चौधरी, पूर्व सभापति अशोक तंवर विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
बालिकाएं योजनाओं का लाभ उठाकर आगे बढ़े।
अल्पसंख्यक मामलात् मंत्री ने बालिकाओं से आह्वान किया कि राज्य सरकार उनके उत्थान एवं शिक्षा के क्षेत्र में जो योजनाएं चला रही है, उसका पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जैसलमेर में पूर्व में बालिका शिक्षा कम थी, लेकिन आज के समय में शिक्षा के प्रति बालिकाओं में रूझान बढ़ा है एवं बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही है। उन्होंने कहा कि आज महिला एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण, उत्थान व जागरूक का दिन है, इसलिए आज के दिन हम सबकों यह संकल्प लेना है कि हमें बालिकाओं को अच्छी शिक्षा अर्जित करानी है ताकि वे परिवार एवं समाज के विकास में अपनी अहम भूमिका अदा कर सके। 
उच्च शिक्षा के सुनहरे मिल रहे है बालिकाओं को अवसर।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों में जहां बालिकाओं की आठवीं तक का विद्यालय था उसको क्रमोन्नत करके बारहवीं तक कर दिया गया है, वहीं जिन विद्यालयों में बालिकाओं की सख्या 550 से अधिक है, वहां पर सरकार ने कन्या महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है। जिले में रामगढ़ व रामदेवरा में भी महाविद्यालय की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप बालिकाओं को उच्च शिक्षा अर्जित करने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर टीना डाबी भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2015 के बैच में टॉपर रही है जो बालिकाओं के लिए एक प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने बालिकाओं से आह्वान किया कि वे इनकी प्रेरणा लेकर उच्च पद को प्राप्त करें, ऐसी कामना की।
बेटियां अपने अधिकारों को प्राप्त कर शिक्षा में रहे अव्वल।
जिला कलक्टर टीना डाबी ने पुरूस्कृत हुई मेधावी छात्राओं के साथ ही बालिका दिवस पर हार्दिक शुभकामना एवं बधाई देते हुए कहा कि बालिका दिवस मनाने का मुख्य उदेश्य महिलाओं एवं बालिकाओं का शसक्तिकरण करना है, वहीं ‘‘मेरी बेटी-मेरा सम्मान‘‘ थीम को समझकर अब हमें अधिकारों के प्रति सजग रहना है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का विकास एवं उत्थान शिक्षा से ही सम्भव है एवं वे अच्छी शिक्षा अर्जित कर शिक्षा जगत के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करें। उन्होंने देश की महान महिला विभूतियों का वृतांत सुनाते हुए कहा कि वे हर बालिका एवं महिला के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ‘‘बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं‘‘ कार्यक्रम का संचालन कर विद्यालय से ड्रॉप आउट हुई बालिकाओं को पुनः स्कूली शिक्षा से जोड़ना मुख्य ध्येय है।
प्रतिभाओं को आगे आने का दे मौका।
नगर परिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने कहा कि बालिकाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं, बल्कि हमें इनकों आगे लाकर अच्छा अवसर देना है, तभी वे बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे आएगी एवं समाज का सर्वागींण विकास सम्भव होगा। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आज के दिन यह संकल्प लेना है कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित कर सफलता के पैगाम को प्राप्त करेंगी।
बालिका शिक्षा में जिले में हो रही है अच्छी प्रगति।
महिला आयोग की सदस्य अंजना मेघवाल ने भी बालिका दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि जिले में अब बालिका शिक्षा के प्रति बहुत जाग्रति आई है एवं यहां की बेटियां हर क्षेत्र में आगे आ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी बालिकाओं को शिक्षा के प्रति बढ़ावा देने के लिए लेपटॉप, स्कूटी के साथ ही छात्रवृति योजनाओं का संचालन कर रही है, जिससे भी बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिला है। उन्होंने अपने परिवार की बेटियों की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बेटियां अपने जीवन में दृढ़ संकल्प एवं लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा अर्जित करेगी तो वे अवश्य ही कामियाब होगी।
हर स्तर पर महिलाओं व बालिकाओं को दे सम्मान।
बीसूका उपाध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण तभी सम्भव है, जब समाज की आधी आबादी शिक्षित होगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में नारियों का देवी का स्वरूप माना जाता था एवं महिलाओं को हर स्तर पर सम्मान दिया जाता था। उन्होंने बालिकाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में कड़ी मेहनत कर आगे आएं एवं अपने परिवार का नाम रोशन करें। उन्होंने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है एवं बालिकाओं को जो लोग अभी भी इस योजना से बीमित नहीं हुए है, उनका पंजीयन एवं बीमा करवाने के लिए एक अलख जगाएं।
उपनिदेशक महिला अधिकारित अशोक कुमार गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया एवं अन्तर्राष्ट्रीय बालिका सप्ताह के दौरान आयोजित की गई विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। मेधावी छात्राओं का हुआ बहुमान।
अल्पसंख्यक मामलात् मंत्री, जिला कलक्टर के साथ ही अन्य अतिथियों ने समारोह के दौरान जिले में कक्षा 10 वीं व 12 वीं में प्रथम व द्वितीय विजेता के साथ ही अव्वल अंकों से उतीर्ण हुई बालिकाओं को क्रमशः 10 हजार एवं 5 हजार रुपये का चैक, प्रशंसा पत्र व बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं का स्मृति चिन्ह् प्रदान कर पुरूस्कृत किया एवं अच्छे अंक हासिल करने पर अन्तरमन से हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने सभी अतिथियों व आगंतुकों के साथ ही बालिकाओं का हार्दिक आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता विजय बल्लाणी एवं आरती मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का उपनिदेशक महिला अधिकारिता, सुधा चौधरी, सीडीओ राजेन्द्र शर्मा, सीबीईओं बलवीर तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी चांद मोहम्मद, चन्द्रवीर सिंह, एसीबीओं भेराराम, रमेशदत सुथार ने हार्दिक स्वागत किया।कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी राणसिंह चौधरी, कादर खान, पार्षद सुमान खान, तहसीलदार निरभाराम कोडेचा सहित अच्छी संख्या में बालिकाएं व मातृ शक्ति उपस्थित थी।
समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा महिला एवं अधिकारिता, शिशु एव पालना गृह, आकांक्षी जिला, महिला सुरक्षा केन्द्र, सखी केन्द्र द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष ने सेल्फी पॉईन्ट में अपने फोटो खिंचवाएं। अतिथियों ने समग्र शिक्षा द्वारा नशे की प्रवृति की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु विधि प्रावधान तथा नशा बढ़ाता मनोविकार इनके सेवन से करो इनकार पोस्टर का विमोचन किया गया व पीरामल फाउण्डेशन द्वारा आकांक्षी जिले में चलाएं जा रहे कार्यक्रम के तहत ‘‘रीड एलॉग एप‘‘ पोस्टर का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में देवा विद्यालय की छात्रा कुमारी सरिता ने जिला कलक्टर टीना डाबी एवं अंजना मेघवाल के अपने हाथों से बनाएं सजीव चित्र उन्हें भेंट किए। बालिका की इस चित्रकला के प्रति उसका भी बहुमान किया गया। इस मौके पर गुणसार लोक संगीत कला केन्द्र के लोक कलाकारों द्वारा स्वागत गीत एवं अन्य लोकगीत प्रस्तुत किए गए।

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