ट्रेन की चपेट में आने से पैंथर के नर शावक की हुई मौत।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
दीपावली के त्यौहार से पहले ही वन्यजीव प्रेमियों के लिए दुखद खबर आई है। दरअसल दिल्ली -मुंबई बड़ी रेल मार्ग पर नीमोदा- नारायणपुर टटवाड़ा रेलवे स्टेशन के मध्य एक डेढ़ वर्षीय नर पैंथर का शावक ट्रेन की चपेट में आ गया।जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद वन विभाग व पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेलवे कर्मी कीमैन राजाराम गुर्जर व फतेह सिंह गुर्जर के अनुसार नीमोदा-नारायणपुर रेलवे स्टेशन के मध्य सेकैंड रेलवे लाईन के खंभा नं.1072/11-13 के समीप ड्यूटी के दौरान सैक्शन चैक कर रहे थे। तब एक पैंथर का शावक पटरियों के समीप मृत अवस्था में पड़ा हुआ दिखाई दिया। जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम के वनपाल ओमप्रकाश मीना,बनीराज,दिनेश चक्रधारी,वनरक्षक निरंजन,सुधीर व पुलिस चौकी प्रभारी यदुवीर सिंह मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैंथर के शावक के शव को कब्जे में लेकर वनपाल नाका लाया गया। पशु चिकित्सा अधिकारी डां.निरंजन अग्रवाल ने पुलिस चौकी प्रभारी यदुवीर सिंह,नायब तहसीलदार यादराम धाकड़,फोरेस्टर ओमप्रकाश मीना की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के पश्चात पैंथर की अंत्येष्टि कर दी गई।

क्षेत्र में कई बार देखे गए हैं पैंथर।

ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे लाईन के दोनो तरफ घना जंगल है। वन क्षेत्र एदलपुर-मांडा,नारौली डांग, भरतून, इनायती में कई बार पेंथर देखे गए हैं।इस क्षेत्र में इनका आना-जाना रहता है। पिछले कई दिनों से वनपाल नाका नारौली डांग के समीप लंकेश्वरी देवी पर पैंथर के मूवमेंट से लोगों में दहशत बनी हुई है। चिकित्सक डा.निरंजन अग्रवाल ने बताया कि नर पैंथर की उम्र डेढ साल के लगभग है। वजन 20 किलो,लंबाई 60 सेमी है। बायां पिछला पैर फैक्चर व अगला पैर कोहनी से टूटा हुआ, बांयी तरफ पेट पर गहरा घाव मिला है। सिर में गंभीर चोट आने से पैंथर के शावक की मौत हुई है।

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