जयपुर के पत्रकारों ने रचा इतिहास, सांकेतिक रूप से आवंटित भूखंडों के खुद ही लिए कब्जे।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 
विजयादशमी के अवसर पर राजधानी जयपुर के पत्रकारों ने 13 वर्ष से लंबित कपङे भूखंडों के कब्जे सांकेतिक रूप से लिए। जेडीए द्वारा लॉटरी में सफल आवंटी होने पर अब तक कब्जा पत्र जारी नहीं किए जाने के विरोध में आज पिंक सिटी प्रेस एनक्लेव नायला में अपने-अपने आवंटित भूखंडों पर सांकेतिक कब्जा लेते हुए इस पत्रकार आवासीय योजना की सफलता के लिए यज्ञ किया। पत्रकारों ने जयपुर विकास प्राधिकरण एवं सरकार के अधिकारी मंत्रियों की सद्बुद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
उपस्थित पत्रकारों का कहना था कि हमने संपूर्ण प्रक्रिया अपनाते हुए आवेदन किया था तथा अग्रिम मांगी गई राशि जेडीए को जमा कराई थी। इसके उपरांत जेडीए द्वारा लॉटरी निकाल कर हमें मकान नंबर आवंटित किए गए ।
13 साल के लंबे इंतजार के बाद अब हमारे सब्र का बांध टूट चुका है। हम सरकार से एवं जयपुर विकास प्राधिकरण से अनुरोध करते हैं कि अविलंब हमें कब्जा पत्र जारी करें और मांग पत्र अनुसार शेष बकाया राशि को जमा करें। आज पत्रकारों में भारी उत्साह देखा गया। कई पत्रकार परिवार सहित अपने प्लॉट का सपना साकार करने के लिए आवंटित भूखंड पर उपस्थित होकर पूजा अर्चना करते हुए देखे गए ।
राजस्थान के संवेदनशील मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी पत्रकारों की आवास समस्या को ध्यान रखते हुए पत्रकार कॉलोनी धोलाई का सृजन किया था। जहां अब कई पत्रकार अपने परिवार सहित निवास कर रहे हैं। पिंक सिटी प्रेस एंक्लेव नायला के बारे में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बेहद संवेदनशील है परंतु लगता है जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारीगणों द्वारा योजना में कई अड़चनों का हवाला देकर निरंतर गुमराह किया जाता रहा है।
 उपस्थित पत्रकारों ने बताया कि परिवार का मुखिया होने के नाते एक व्यक्ति का जीवन में सपना होता है कि वह अपने बच्चों के सर पर अपने जीवन काल में एक छत का निर्माण करें। एक लंबे 13 वर्षीय इंतजार के बाद मजबूरी में पत्रकारों ने स्वयं अपने आवंटित भूखंड पर कब्जा कर निर्माण का फैसला लिया है साथ ही न्याय प्रिय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उम्मीद की है कि वे इस मामले में गंभीरता से शीघ्रता शीघ्र फैसला कर आवंटन पत्र जारी करवाएं।

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