तीन साल बाद फिर से पटरी पर दौड़ी पैलेस ऑन व्हील्स, सीएम गहलोत ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर पैलेस ऑन व्हील्स शाही ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। गहलोत ने कहा कि पैलेस ऑन व्हील्स शाही रेलगाड़ी पर्यटन के क्षेत्र में दुनिया में एक मिसाल है। पिछले 40 वर्षों से चल रही इस ट्रेन का 2 वर्षों के अन्तराल के बाद पुनः प्रारम्भ होना एक शुभ संकेत है। यह इंगित करता है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र और मजबूती के साथ उभरेगा। मुख्यमंत्री ने रवानगी से पहले पैलेस ऑन व्हील्स शाही टे्रन का अवलोकन कर सुविधाओं का जायजा लिया। 
उन्होंने यात्रियों को मंगलमय सफर के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पैलेस ऑन व्हील्स का पुनः संचालन हमारे लिए गर्व की बात है। शाही रेल में राजस्थान की हेरिटेज और सांस्कृतिक परम्परा को देखकर देश-विदेश के पर्यटक रोमांचित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे और आरटीडीसी के संयुक्त तत्वावधान में इस ट्रेन में आधुनिक साज-सज्जा और सभी पर्यटक सुख-सुविधाओं का समावेश किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण इस शाही रेल का संचालन करीब तीन वर्षों से बंद रहा। आरटीडीसी व पर्यटन विभाग की सकारात्मक पहल से यह टे्न पुनः शुरू हो रही है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा।
गहलोत ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है और अनेक प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं।पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान की पुरानी हवेलियां, गढ़, किले और रेगिस्तान के साथ लोक कलाएं, हस्तशिल्प आदि की दुनिया भर में खास पहचान है। वर्ष 2022-23 के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान देश का सबसे सम्पन्न प्रदेश है और दिल्ली-आगरा के बाद विदेशी पर्यटक राजस्थान आना पसन्द करते हैं। यहां स्वदेशी पर्यटन की समृद्ध परम्परा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रथम शाही रेल वर्ष 1982 में प्रारंभ हुई थी। रेलवे द्वारा समय-समय पर रेल की गेज परिवर्तन के फलस्वरूप मीटर गेज से ब्रॉड गेज ट्रेन वर्ष 1991 में दूसरी और 1995 में तीसरी शाही रेल का निर्माण किया गया। 
शाही रेलगाड़ी में 7 दिन का राजसी सफर।
शाही रेलगाड़ी का दिल्ली व आगरा के अलावा राजस्थान के खूबसूरत शहरों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर तथा भरतपुर का सफर सात दिन का देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। राजस्थान के गौरवशाली इतिहास के दर्शन कराती इस शाही रेल का सफर देशी और विदेशी पर्यटकों को आनंदित करता है। यहां पर पर्यटक अपने आप को राजसी माहौल में पाता है। इसमें आवभगत, स्वादिष्ट व्यंजन और पर्यटन निगम के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सेवा भावना व अतिथि सत्कार को देखकर पर्यटक रोमांचित होते हैं।

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