कृषि विभाग के अधिकारियों ने टोंक, बूंदी एवं कोटा जिलों में फसल खराबे का लिया जायजा।

टोंक/कोटा/बूंदी ब्यूरो रिपोर्ट।
कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार और आयुक्त कानाराम ने विभागीय अधिकारियों तथा जिला कलेक्टर्स के साथ टोंक, बूंदी एवं कोटा जिले का दौरा कर बरसात से खराब हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में फसल खराबे की स्थिति की समीक्षा की और तुरंत सर्वे चालू कर शीघ्र कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव एवं कृषि आयुक्त ने जिला कलेक्टर डॉ. चिन्मई गोपाल के साथ टोंक जिले के मुंडिया, मेहंदवास तथा बंथली गांव में बरसात से खराब हुई बाजरा एवं अन्य फसलों का निरीक्षण किया और मेहंदवास सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय में कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नुकसान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन प्राप्त हुई करीब 52 हजार फसल खराबे की सूचनाओं का सर्वेक्षण करने के साथ किसानों से 72 घंटे में टोल फ्री नंबर, एप या लिखित में खराबे की सूचना दिलवाने, किसानों को प्राप्ति रसीद देने तथा राजस्व तथा कृषि विभाग एवं किसान के साथ संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी रबी फसलों की बुवाई के समय को देखते हुए नुकसान का सर्वे प्राथमिकता से तीन-चार दिन में पूरा करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के आला अधिकारियों ने बूंदी में जिला कलेक्टर डॉ. रवींद्र गोस्वामी के साथ जिले के तालाब गांव एवं गणेशपुरा क्षेत्र में धान एवं अन्य फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया और किसानों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बीमा कंपनी को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्राप्त शिकायतों का अगले 7 दिन में निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और एसडीआरएफ के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार एवं आयुक्त कानाराम ने कोटा जिले के बड़गांव का भ्रमण कर सोयाबीन और धान की फसल में हुए खराबे की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर ही बीमा कंपनी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह प्रभावित किसानों से 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान शिकायत दर्ज नहीं करा पाता है तो उसकी शिकायत निर्धारित प्रारूप में तय समय में आवश्यक दस्तावेज के साथ प्राप्त कर दर्ज करें। उन्होंने बीमा कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत दर्ज होने के 7 दिन में सर्वे पूर्ण कर सूचना कृषि आयुक्तालय, जिला कलेक्टर तथा संबंधित उपनिदेशक कार्यालय को भिजवाएं। दिनेश कुमार और कानाराम ने निरीक्षण के बाद कोटा में वीसी के माध्यम से संभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर वर्षा से हुए फसल खराबे के संदर्भ में विस्तृत जानकारी ली एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व मंडल अजमेर द्वारा आवंटित समस्त फसल कटाई प्रयोग ऑनलाइन ही संपन्न कराएं जिससे फसल बीमा कंपनियों द्वारा खराबे की गणना कर समय पर क्लेम जारी किया जा सके। बैठक में संभागीय आयुक्त दीपक नंदी, जिला कलेक्टर ओपी बुनकर, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) यशपाल महावत सहित कृषि एवं राजस्व विभाग के उच्च अधिकारी तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे

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