पूर्व मंत्री ने दीपावली रामा-श्यामा के बहाने टटोली जनता की नब्ज।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप के हनुमानगढ़ स्थित निवास स्थान पर दीपावली स्नेह मिलन सामारोह का आयोजन किया गया। जिसमे हजारों की संख्या मे लोग पूर्व मंत्री को दीपावली की राम-राम करने पहुंचे।आने वाले लोगो के स्वागत-सत्कार के लिए पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप के दोनों बेटे अमित सहू व हरीश सहू मुख्य गेट पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ खडे दिखे तो स्वयं पूर्व मंत्री मुख्य द्वार के कुछ आगे खडे दिखे। हर कोई उनसे मिलकर आगे निकल रहा था साथ ही आपसी चर्चा कर रहा था।
कोई इसे स्नेह मिलन सामारोह बता रहा तो कोई चुनावी ताकत की बात कर रहा था। कार्यक्रम मे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ साथ कई अधिकारी व दूसरी पार्टिओ से जुड़े लोग भी पहुंचे और इसी के साथ आमजन मे 2023 मे होने वाले चुनावों को लेकर चर्चाये शुरु हो गई है। कार्यक्रम को लेकर हनुमानगढ़ के भाजपा कार्यकर्ता व सोशल मीडिया टीम पूरी तरह सक्रिय रही और कार्यक्रम मे निमत्रण को लेकर हर रोज सोशल मीडिया पर हजारों मैसज पोस्ट किए गये। 
कुल मिलाकर हम कह सकते है की कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने मे जोरों शोरो से जुटे हुए थे। वही चर्चा यें भी शुरु हो गई की स्नेह मिलन के बहाने पूर्व मंत्री के बेटे अमित सहू अपने विरोधिओं को अपनी ताकत दिखा रहे है और जिस तरह से भीड एकत्रित हुई भाजपा कार्यकर्ताओं मे भी काफ़ी जोश दिखा और आमजन मे भी भीड को को लेकर चर्चाओं का दौर चल पड़ा। हालांकि पूर्व मंत्री से जब हमने इन चर्चाओ की हकीकत व चुनाव कौन कहा से लड़ेगा पर सवाल किया तो उनका कहना था की ऐसे कार्यक्रम पहले भी होते रहते है और रही बात चुनावों की तो यें पार्टी तय करेगी की कौन कहाँ से चुनाव लड़ेगा। बता दे, की कार्यक्रम मे एक टीवी स्क्रीन चल रही थी जिसमे पूर्व मंत्री द्वारा हनुमानगढ़ जिला बनाने से लेकर अन्य विकास कार्यों की तस्वीरें डिस्प्ले हो रही थी और उनके निवास स्थान के बाहर एक बार वाहनों के जाम की स्थिति हो गई। जिसको थोड़ी देर बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थित करवा कर जाम खुलवाया। इस बाबत भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई से भी बात की तो उनका कहना था की चुनावी चर्चाये है चलती रहती है। लेकिन यें हजारों की संख्या मे जो लोग आये है डॉक्टर रामप्रताप के परिवार के चाहने वालो की है। उनको स्नेह करने वाले लोग कार्यक्रम मे पहुँचे है। खैर राजस्थान मे चुनाव 1 वर्ष बाद है और जनता जनार्दन किसको जीत का सहरा पहनाती है। यें तो भविष्य के गर्त मे छुपा है,पार्टी किसको टिकट किसको देती है,लेकिन कार्यक्रम के बाद सियासी हलचल व चर्चाओ का दौर जरूर शुरु हो गया है।

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