बेरोजगार संघ से मंत्री भाटी ने की मुलाकात, सीएम से मिलवाने का दिया आश्वासन।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 28 अक्टूबर से शुरू होने वाले गुजरात दौरे को देखते हुए अब 26 दिन से सत्याग्रह कर रहे बेरोजगार युवकों की सुध आ गई है। सीएम गहलोत को इस बात का डर सता रहा है कि अगर प्रदेश के बेरोजगारों ने उनके कार्यक्रम में खलल डाला तो निश्चित तौर संदेश गलत चला जाएगा। इसी के चलते उन्होंने ऊर्जा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी को युवाओं से समझौता करने के लिए अहमदाबाद भेजा है।ऊर्जा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने संघर्ष करने वाले बेरोजगार युवाओं के राजस्थान एकीकृत बेरोजगार संघ का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव से बातचीत करने के लिए भेजा है और उन्होंने बेरोजगार युवाओं से बातचीत भी शुरू कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि 20 सूत्री मांगों में से कुछ मांगे मान ली जाएगी और उन्हें इस बात के लिए भी राजी कर लिया जाएगा कि संघर्ष करने वाले बेरोजगार युवक अपने प्रदेश लौट जाएंगे।उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई बार सीएम गहलोत एकीकृत बेरोजगार संघ के संयोजक उपेन यादव समझौता कर चुके हैं। लेकिन समझौते की शर्तें लागू नहीं होने के कारण आंदोलन राजस्थान छोड़कर गुजरात में करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अब  समझौता जो भी कुछ हो लेकिन आंदोलन समाप्त होने के आसार बने हुए हैं। राजस्थान के बेरोजगारों ने 26 दिन तक गुजरात में संघर्ष किया है इस संघर्ष के दौरान उन्होंने 150 किलोमीटर की दांडी यात्रा भी की और इसके बाद अहमदाबाद में विभिन्न स्तरों पर संघर्ष कर रहे हैं। दीपावली के मौके पर उन्होंने अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर सत्याग्रह किया और  काली दीपावली बनाई गई। राजस्थान एकीकृत बेरोजगार संघ के प्रदेश संयोजक उपेन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मांगों को जोर शोर के साथ उठाया। यही नहीं कई बार वे और उनके साथी जेल भी गए। लेकिन संघर्ष जारी रखा उसी का परिणाम है कि सीएम गहलोत को समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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