पार्षद के विरोध के चलते मीरा मंदिर में हुआ प्रतिष्ठित कार्यक्रम।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चितौड़गढ़ शहर में आयोजित किए जा रहे मीरा महोत्सव कार्यक्रम के दौरान विरोध के चलते आयोजन पुनः मीरा मंदिर में ही आयोजित करना पड़ा। पहले यह कार्यक्रम बिड़ला धर्मशाला में किया जाना प्रस्तावित था। वर्षों से यह कार्यक्रम मीरा मंदिर में ही होता आया था। ऐसे में लोगों की मांग पर कार्यक्रम पुनः मीरा मंदिर में ही हुआ है। जानकारी के अनुसार दुर्ग पार्षद और दुर्गवासियो के विरोध पर कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा। मीरा महोत्सव के तहत होने जा रहे दो दिवसीय कार्यक्रम में दुर्ग पार्षद अशोक वैष्णव के विरोध पर कार्यक्रम स्थल में बदलाव किया गया। वैष्णव ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष 2 साल बाद हो रहे मीरा महोत्सव में वर्षों से शरद पूर्णिमा की अगली सुबह दुर्ग स्तिथ विश्व प्रसिद्ध मीरा मन्दिर पर कार्यक्रम होता आया है। लेकिन इस वर्ष मीरा स्मृति संस्थान द्वारा यह कार्यक्रम बिरला धर्मशाला में आयोजको ने निर्धारित किया। इस बात की जानकारी जैसे ही दुर्ग पार्षद अशोक वैष्णव को लगी उन्होंने तुरंत आयोजकों को कहा कि यह कार्यक्रम मीरा मन्दिर के स्थान पर कही और किया गया दुर्गवासियो के साथ विरोध होगा। इस पर आयोजको ने तुरंत विरोध को देखते हुए कार्यक्रम स्थल को पुनः मीरा मन्दिर पर ही करवाया है।

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