पॉलिटिकल खींचतान के बीच पायलट आज वंसुधरा के गढ़ में लगाएंगे सेंध।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान कांग्रेस में पॉलिटिकल खींचतान के बीच पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट आज से प्रदेश में चुनावी दौरों की शुरूआत करेगें। पूर्व CM वसुंधरा राजे के गढ़ और विधानसभा क्षेत्र झालावाड़ के झालरापाटन पहुंचकर पायलट आज चुनावी आगाज करेंगे। सचिन पायलट आज ट्रेन से कोटा पहुंचेंगे। फिर बाय रोड झालरापाटन पहुंचेंगे। इस दौरान हाड़ौती में कोटा,झालावाड़, झालरापाटन में जगह-जगह पायलट का स्वागत कार्यक्रम भी समर्थकों ने रखा है। आपको बता दे, कि सचिन पायलट की माता रमा पायलट 2003 में झालरापाटन सीट पर वसुंधरा राजे से चुनाव हार चुकी हैं। अब 2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए चुनावी दौरे की शुरूआत के लिए पायलट ने झालरापाटन को ही चुना है। पायलट के झालरापाटन में चुनावी दौरे को उनके समर्थकों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। पायलट सीधे तौर पर वसुंधरा राजे के गढ़ में इसलिए चुनावी तैयारियों के लिए जा रहे हैं, क्योंकि पायलट खेमे के सूत्रों के मुताीबिक कांग्रेस में गहलोत और बीजेपी से वसुंधरा राजे से उन्हें नुकसान है।
हाड़ौती सम्भाग के यादव समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होंगे पायलट।
तय प्रोग्राम के मुताबिक सचिन पायलट आज दोपहर 1 बजे ट्रेन से कोटा पहुंचेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत, लंच और मुलाकात के बाद पायलट कार से झालावाड़ पहुंचेंगे। झालावाड़ में हाड़ौती सम्भाग के यादव समाज की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होकर सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। वसुंधरा राजे के गढ़ हाड़ौती में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस यहां अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी। पिछले दिनों पायलट ने कहा था 2023 में हमें प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रिपीट करने के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
पायलट के दौरे के सियासी मायने
राजस्थान में CM पद की काफी कोशिशों के बावजूद सचिन पायलट के हाथ अब तक खाली हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने भी फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया,ऐसा लगता है। पायलट इस दौरे के जरिए यह संकेत दे रहे हैं कि 2023 में राजस्थान में कांग्रेस की वापसी कराने के लिए वह चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। कमजोर सीटों पर फोकस करके चल रहे हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ में सभा कर वह विपक्ष, सत्ता पक्ष और आम जनता को एक संदेश देना चाह रहे हैं। जब तक कांग्रेस हाईकमान राजस्थान को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं कर लेता है या सचिन पायलट खुद कोई बड़ा स्टैण्ड नहीं ले लेते हैं। पायलट राजस्थान में लगातार दौरे जारी रख सकते हैं। ताकि अपनी मजबूत उपस्थिति जनता के बीच दर्ज करवा सकें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack