वायरस जो कैंसर पैदा कर सकते हैं - डॉ. रामावतार शर्मा

कैंसर एक ऐसा रोग है जिसका नाम सुनते ही सारे शरीर में सिरहन फैल जाती है। शरीर के हर हिस्से का कैंसर हो सकता है। कुछ लक्षण सब बीमारियों के रोगियों में होते हैं और तकरीबन हर बीमारी में होते हैं इसलिए इस रोग का प्रारंभिक अवस्था में पता महज संयोगवश ही बन पड़ता है। चूंकि पता तभी चलता है जब रोग शरीर में विस्तृत रूप में फैल जाता है तो मृत्यु दर काफी ऊंची होती है। निदान और इलाज दोनों ही बहुत महंगे होते हैं तथा अंतिम परिणाम ज्यादातर मामलों में निराशाजनक होते हैं।

     जब किसी रोग का इलाज आसान नहीं होता तो इस बात की जानकारी फायदेमंद हो सकती है कि इस तरह के रोग कैसे और किन कारणों से हो सकते हैं ताकि बचाव के तरीके अपनाए जा सकें। कैंसर के अधिकतर मामलों में इसके होने के कारणों का पता नहीं चलता है परंतु जीवनशैली इसको सक्रिय कर सकती है। तंबाकू का सेवन, धुआं, भाप और कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थ कैंसर को सक्रिय कर सकते हैं। कभी कभी यह आनुवंशिक भी होता है।

     कैंसर कुछ प्रकार के वायरस भी पैदा कर सकते हैं हालांकि ऐसा चंद मामलों में ही होता है। वायरस एक स्वस्थ कोशिका में प्रविष्ट होता है और उसके डी एन ए के चिपक कर आनुवंशिक कोड को बदल देता है। इस बदलाव के कारण कोशिकाओं की वृद्धि दर अनियंत्रित हो कर कैंसर को जन्म देती है और शरीर को मृत्यु की तरफ धकेलती है। कोशिकाएं जब तेजी से विभाजित होती हैं तो असामान्य कोशिकाओं की भरमार हो जाती है और ये ही कैंसर होता है।

     हमारा रक्षा तंत्र स्वास के रास्ते और फेफड़ों में बहुत सक्रिय और मजबूत होता है इसलिए यहां के कैंसर वायरस से नहीं होते हैं पर लीवर, किडनी, आंतों आदि में सुरक्षा चक्र थोड़े देर से सक्रिय होता है तो इस बीच के समय में कैंसर कोशिकाओं को विकसित होने का समय मिल जाता है। वायरस कोशिकाओं में कैंसर तभी पैदा कर सकता है जब वह वहां लंबे समय तक टिका रहता है। जो वायरस मानव शरीर में लंबे समय रह सकते हैं वे इन श्रेणियों में आते हैं।

     इप्सटेन बार वायरस बहुत लोगों के शरीर में पाया जाता है और समान्यतया न तो कोई रोग पैदा करता और न अपनी मौजूदगी का अहसास दिलाता है। पर कुछ गिने चुने लोगों में लिंफोमा नामक कैंसर पैदा कर सकता है

     हेपेटाइटिस बी और सी वायरस भी लंबे समय रहने के कारण लीवर सिरोसिस एवम् कैंसर का कारण बन सकते हैं।

     ह्यूमन हर्पीज वायरस 8 कापोसी सरकोमा नामक कैंसर को सक्रिय कर सकता है।

     इसी तरह से एचआईवी वायरस शरीर के रक्षा तंत्र को नष्ट कर कोई भी कैंसर तथा एचपीवी वायरस खास कर महिलाओं में सर्विक्स का कैंसर कर सकते है।

     इस तरह से देख सकते हैं कि जो भी वायरस शरीर में लंबे समय या जीवनपर्यंत रहते है वे कैंसर पैदा करने की संभावनाएं छुपाए बैठे होते हैं।

     " रहिमन विपदा वो भली , जो थोड़े दिन होय।"

 

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