हाइकोर्ट ने आरसीए चुनाव पर लगी रोक को हटाने से किया इनकार।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान हाइकोर्ट ने आरसीए चुनाव पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया है। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता से अपनी आपत्तियां एकलपीठ के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने अपील पर सुनवाई के लिए अगले सप्ताह के बाद का समय रखा है। एक्टिंग सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस वीके भारवानी की खंडपीठ ने यह आदेश आरसीए की अपील पर दिए। अदालत ने कहा कि मामले में एकलपीठ 11 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। ऐसे में अपीलार्थी वहां अपना पक्ष रखें। खंडपीठ में अब संभवत: दिवाली अवकाश के बाद सुनवाई होगी। आरसीए की ओर से अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि एकलपीठ ने आरसीए की चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उस पर रोक लगाई है। जबकि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इसके अलावा जिला संघ अपनी आपत्तियों को लेकर लोकपाल और आब्रिट्रेटर के समक्ष जा सकते हैं। वहीं चुनाव अधिकारी पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। ऐसे में एकलपीठ की ओर से चुनाव पर लगाए गए आदेश को रद्द किया जाए।दरअसल हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 29 सितंबर को दौसा जिला क्रिकेट संघ व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आरसीए चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी थी। जिला संघों का कहना है कि आरसीए के चुनाव अधिकारी पूर्व आईएएस रामलुभाया जिलों के पुनर्गठन के लिए बनाई कमेटी के अध्यक्ष हैं और मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। वहीं मुख्यमंत्री के पुत्र और वर्तमान आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत वापस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में चुनाव अधिकारी वैभव गहलोत को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। इसका विरोध करते हुए आरसीए की ओर से कहा गया था कि वैभव गहलोत का अपना अलग व्यक्तित्व है और सिर्फ मुख्यमंत्री की संतान होने की वजह से इस तरह के आरोप नहीं लगाए जा सकते। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एकलपीठ ने चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी थी। एकलपीठ के इस आदेश को आरसीए ने खंडपीठ में चुनौती दी है।

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