बच्चों के लिए खतरनाक है निमोनिया, करौली में 12 नवंबर से 28 फरवरी 2023 तक चलेगा सांस अभियान।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
पांच वर्ष तक की उम्र के छोटे बच्चों में निमोनिया एवं उससे होने वाली जटिलता के चलते मृत्यु हो जाती है। इसको को रोकने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर  28 फरवरी 2023 तक जिले में सांस अभियान चलाया जाएगा। जिसमें निमोनिया की रोकथाम, बचाव और उपचार के बारे में आमजन को जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश चंद मीणा ने बताया कि नवजात, कुपोषित शिशु, बुजुर्ग, कमजोर इम्युनिटी वाले इंसान जैसे एचआईवी संक्रमित, अत्यधिक शराब व धूम्रपान के आदि, भीड भाड वाले इलाकों के बाशिन्दे, पुराने हृदय, लीवर, किडनी मरीजों को निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। इसकी रोकथाम के लिए जिले के सभी बीसीएमओ व चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को निर्देश दिए गए है।
उन्होंने बताया कि निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है। यह विभिन्न बैक्टेरिया व वायरस के श्वास के माध्यम से प्रवेश करने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने पर ये वायरस स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर संक्रमण का कारण बनता है। निमोनिया विश्व में पुरूषों व बच्चों में मृत्यु का एक बडा संक्रामण कारण है। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दीपक कुमार मीणा ने   बताया कि बुखार के साथ तेज खांसी, सांस लेने में कठिनाई, बदन दर्द, खांसी के साथ छाती में दर्द, कभी कभी खराब में खून आना निमोनिया के लक्षण है। पांच साल के बच्चों में ये लक्षण नजर आने पर तुरन्त चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

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