फूल मोहम्मद हत्याकांड मामले में न्यायालय ने 30 आरोपियों माना दोषी,49 आरोपियों को किया बरी।

सवाई माधोपुर-हेमेन्द्र शर्मा।
सवाई माधोपुर जिले के चर्चित सीआई फूल मोहम्मद हत्याकाण्ड मामले में बुधवार को जिला एंव सैशन न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 89 आरोपियों में से 30 आरोपियों को दोषी माना है । वही 49 आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया है । न्यायालय ने सभी  दोषी 30 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है । मामले में न्यायालय द्वारा फैसले की विवेचना करने के बाद 18 नवम्बर को फैसले की कॉपी उपलब्ध करवाई जायेगी। 18 नवम्बर को फैसले की कॉपी सामने आने के बाद ही पता लग पायेगा की किस आरोपी को कितनी सजा मिली है। गौरतलब है कि मानटाउन थाना क्षेत्र में करीब 11 साल पूर्व 17 मार्च 2011 में पुलिस इंस्पेक्टर फूल मोहम्मद को सूरवाल गांव में जीप में जिंदा जला दिया गया था। मामले की जांच एजेंसी सीबीआई ने दो बाल अपचारी सहित 89 लोगों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। लगभग 11 साल 8 माह की न्यायिक ट्रॉयल के दौरान मामले से जुड़े पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है।  जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार है। वही दो बाल अपचारियों के विरुद्ध प्रकरण विचाराधीन है । ऐसे में न्यायालय ने तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक महेन्द्र सिंह कालबेलिया व मानटाउन थाने के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह सहित 79 लोगों के खिलाफ अपना महत्वपूर्ण फैसला दिया । जिसमें न्यायालय ने तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक महेंद्र सिंह कालबेलिया सहित 30 आरोपियों को दोषी माना है। वही न्यायालय ने तत्कालीन मानटाउन थानाधिकारी सुमेर सिंह सहित 49 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। दरअसल सवाईमाधोपुर के मानटाउन थाना क्षेत्र के सूरवाल गांव में 17 मार्च 2011 को लोग मृतका दाखा देवी के हत्यारों को गिरफ्तार करने और पीडि़त के परिजनों को मुआवजे की मांग कर रहे थे। इसी दौरान राजेश मीणा व बनवारी लाल मीना नामक युवक बोतलों में पेट्रोल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए और आत्महत्या की धमकी देने लगे। बनवारी को लोगों ने समझाईश कर नीचे उतार लिया, लेकिन राजेश मीना पेट्रोल से खुद को आग लगाकर टंकी से नीचे कूद गया। जिससे उसकी मौत हो गई थी। राजेश की मौत के बाद घटना से गुस्साए लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से सूरवाल गांव में तैनात मानटाउन थाने के सीआई फूल मोहम्मद व पुलिस जवानों पर पथराव कर दिया। जान बचाने के प्रयास में फूल मोहम्मद जीप चलाकर भागने लगे तो भीड़ ने उन पर पथराव कर दिया। जीप में मौजूद पुलिसकर्मी जैसे-जैसे वहां से भाग गए। पत्थर लगने से फूल मोहम्मद जीप में घायल हो गए। बाद में भीड़ ने जीप को पेट्रोल छिडकऱ आग के हवाले कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के समय मौके पर पुलिस अधिकारी के रूप में तत्कालीन डीएसपी महेंद्र सिंह कालबेलिया मौजूद थे और पूरी कार्रवाई उनकी निगरानी में ही हो रही थी। जब सीआई फूल मोहम्मद पुलिस जीप में फंस गए थे, तभी उनकी गाड़ी में आग लगा कर जिंदा जला दिया गया। इस घटना की पूरी जिम्मेदारी कालबेलिया पर आई। जांच के दौरान भी सीबीआई ने महेंद्र सिंह को उक्त हत्याकांड के लिए दोषी माना था। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार उक्त हत्याकांड में पूर्व डीएसपी कालबेलिया का जुर्म साबित करने में मानटाउन थाने का हिस्ट्री शीटर बदमाश संजय बिहारी सबसे अहम गवाह था। संजय के बयान न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष होने से पहले ही उसकी जयपुर में हत्या हो गई। जिले के चर्चित मानटाउन थाने के सीआई फूल मोहम्मद हत्याकाण्ड प्रकरण में न्यायालय द्वारा 79 आरोपियों के खिलाफ अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया।न्यायालय ने 30 आरोपियों को दोषी माना और 49 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। दोषी आरोपियों में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक महेन्द्र सिंह कालबेलिया भी शामिल है । न्यायालय द्वारा सुनाए गये फैसले के बाद सभी 30 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया ।न्यायालय से जेल जाते समय तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक महेंद्र सिंह कालबेलिया ने मीडिया से कहा कि PFI की जीत हुई है। लेकिन वे न्यायपालिका का सम्मान करते है और उच्च अदालत में अपील करेंगे ।  उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।

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