नहर में आया कटाव ,50 बीघा से अधिक फसल में फैला पानी।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर जिले के जैतसर क्षेत्र में करणी जी वितरिका नहर में अलसुबह कटाव आ गया। इससे क्षेत्र में 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में पानी फैल गया। इससे यहां हाल ही में बुवाई की हुई सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। दरअसल श्रीगंगानगर जिले में इन दिनों सरसों की बुवाई हो रही है और यहां पर करणी जी नहर की वितरिका टूट जाने से करीब 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में पानी फैल गया और फसलों को काफी नुकसान हुआ है। वही नहर से लगते सूरतगढ़ अनूपगढ़ स्टेट हाईवे नंबर 94 पर पानी सड़क से नीचे होते हुए दूसरी तरफ निकले क्षेत्र के खेतों में पहुंच गया । इससे सड़क धंसने की आशंका के चलते इस इलाके पर यातायात को दूसरे इलाके में ऐड कर दिया है। इससे वाहनों के ड्राइवर को करीब 1 से डेढ़ घंटे का ज्यादा समय लगाकर अपने निर्धारित स्थल तक पहुंचना पड़ रहा है। गौरतलब है कि क्षेत्र की प्रमुख नहर करणी जी वितरिका में अलसुबह करीब 5:30 बजे गांव 13 जीबी के पास कटाव गया। इनकी जानकारी किसानों को मिलने पर उन्होंने आसपास के किसानों को बुलवाया और अपने ही क्षेत्र से जेसीबी मशीन का प्रबंध किया। इसके साथ ही नहर के पटरे को बांधना शुरू कर दिया गया। करीब 4-5 घंटे की मशक्कत के बाद नहर के कटाव को रोका गया।हालांकि स्टेट हाईवे नंबर 94 ठीक नहीं होने से दोपहर तक वाहनों को डाइवर्ट रूट पर ही चलाया जा रहा था । इस रूट पर वाहनों को गांव 13 जीबी के पास से ग्रामीण इलाके में सिंगल सड़क पर निकाला गया है। इस रूट से होकर वाहन 23gb पहुंचे जहां से इन्हें वापस स्टेट हाईवे नंबर 94 पर आने का रास्ता मिला।  इस दौरान सिंगल रोड होने से वाहन चालकों को एक से डेढ़ घंटा समय लगा। खास बात यह रही कि किसानों ने आगे के किसानों की बारी कटने से बचाने के लिए नहर को चालू रहते ही इसे हाथों-हाथ 3-4 जेसीबी लगाकर बांध दिया था। नहर के टूटने के समय इसमें करीब 300 क्यूसेक पानी चल रहा था नहर के पटरे कमजोर होने जाने और इसमें जानवरों के बिल बनाए जाने के चलते नहर  पानी का दबाव झेल नहीं पाई और पानी खेतों में फैल गया और किनारे से नहर में कटाव आ गया । राव की सूचना मिलने के करीब 8 घंटे बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नहर के कटाव को रोकने में अपने संसाधनों का इस्तेमाल किया।

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