अधिकारियों के निरीक्षण में गायब मिले चिकित्सा कार्मिक, थमाए नोटिस।

सीकर ब्यूरो रिपोर्ट।
चिकित्सा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सीएचसी, पीएचसी, सब सेंटर पर चिकित्सकों व कार्मिकों उपस्थिति और विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों का जायजा लिया। साथ ही अनुपस्थित मिले कार्मिकों व दवाइयां कम मिलने, सफाई का अभाव होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ निर्मल सिंह ने नोटिस थमाए है।अधिकारियों ने पिपराली ब्लॉक के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ निर्मल सिंह ने जिले के पिपराली ब्लॉक के चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में स्टॉफ की उपस्थिति, विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों का जायजा लिया। साथ ही मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत संस्थानों पर दवाइयों की उपलब्धता और जांच योजना के तहत जांच की स्थिति, लैब के उपकरण, वार्ड, बैड, साफ सफाई आदि निरीक्षण किया। उन्होंने रानोली, शिश्यू पीएचसी व मीयां की ढाणी सब सेंटर का निरीक्षण किया। उनके साथ अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी दिलीप माथुर, वरिष्ठ सहायक निरोज कुमार, जिला आईईसी समन्वयक कमल गहलोत भी साथ थे। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ हर्षल चौधरी ने बुधवार को सांगरवा, पलासरा, श्यामगढ चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में स्टॉफ की उपस्थिति, विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों का जायजा लिया। साथ ही मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत संस्थानों पर दवाइयों की उपलब्धता और जांच योजना के तहत जांच की स्थिति, लैब के उपकरण, वार्ड, बैड, साफ सफाई आदि निरीक्षण किया। सांगरवा पीएचसी में निरीक्षण के दौरान छह कार्मिक अनुपस्थित मिले। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने बुधवार को जिले के सीएचसी पलसाना, राजपुरा, रैवासा और बाजौर चिकित्सा संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान पलसाना चिकित्सा संस्थान में चिकित्सक और कार्मिक अनुपस्थित मिले। वहीं संस्थान में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रचार प्रसार नहीं पाया गया। वहीं वार्षिक डिमाण्ड के अनुसार दवाइयां नहीं मिली और साफ सफाई का अभाव पाया गया। राजपुरा में नवनिर्मित अस्पताल का भवन जर्जर अवस्था में मिला। एलटी नहीं होने के कारण पांच ही जांच की जा रही थी। दवाइयां पूर्ण नहीं मिली। कार्मिक भी डेस में नहीं मिले। रैवासा पीएचसी में साफ सफाई का अभाव पाया गया। वहीं वार्षिक डिमाण्ड के अनुसार दवाइयां नहीं मिली। बाजौर में भी दवायां कम मिली और सफाई का अभाव पाया गया। उनके साथ जिला आशा समन्वयक केडी पारीक थे।इधर, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजीव ढाका ने सीएचसी पिपराली, गुंगारा, सिंघासन, पिपराली बीसीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ विशाल सिंह ने पीएचसी रघुनाथगढ़, नाडा, सीएचसी तारपुरा का निरीक्षण किया। तारपुरा में चल रहे निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। जिला औषधि भण्डार के प्रभारी अधिकारी डॉ सीपी ओला ने पीएचसी दौलतपुरा, दादिया, बेरी, सीएचसी कोलीडा का निरीक्षण किया। साइनेज व सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

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