टीम वर्क के साथ काम करते हुए समय पर पूरी करें परियोजनाएं-जल संसाधन मंत्री।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जल संसाधन एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि नहरें, बांध एवं एनीकट हमारी आगे आने वाली पीढियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा बनवाए गए बांध, एनीकट एवं नहरों की प्रदेश की पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी की भविष्य की जरूरतों को पूरा करते हुए राजस्थान की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका है।बांसवाड़ा जिले की लाइफ लाइन कहे जाने वाले माही डेम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि माही डेम बनने के बाद बांसवाड़ा की तस्वीर बदल गई।मालवीय जेएलएन मार्ग स्थित सिंचाई भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित जल संसाधन एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना की विभिन्न परियोजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस वर्ष के बजट में जल संसाधन विभाग को पिछले सालों की तुलना में तीन गुना अधिक दिया है। सभी अभियंता टीम वर्क के साथ कार्य करते हुए ये परियोजनाएं समय पर पूरी कर प्रदेश को ऊंचाईयों पर ले जाने की दिशा में अपना योगदान दें। उन्होंने अभियंताओं को काम अटकाने की बजाय उचित रास्ता निकालकर कार्य की गति बढ़ाने की भावना से कार्य करने एवं सभी बजट घोषणाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। 
बजट में 100 एनीकट, 100 बांध एवं 100 नहरों की सौगात।
मालवीय ने कहा कि इस वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जल संसाधन एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई है। इन बजट घोषणाओं का समय पर क्रियान्वयन हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बजट में नवीन सिंचित क्षेत्र विकसित करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं, सिंचाई दक्षता में वृद्धि के लिए प्रदेशभर में 100 बांधों एवं 100 नहरों के जीर्णाेद्धार, स्थानीय स्तर पर आमजन एवं मवेशियों को जल उपलब्ध करवाने हेतु भू-जल पुर्नभरण की दृष्टि से 100 एनीकटों के निर्माण एवं जीर्णाेद्धार की घोषणा की गई है। विभाग के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं है। जल संसाधन मंत्री ने कहा जिन कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है और निविदा बाकी हैं उनकी निविदा जल्दी आमंत्रित कर ली जाए तथा जिनकी निविदाएं हो चुकी हैं उनके कार्यादेश बिना किसी विलम्ब के जारी करने का लक्ष्य रखा जाए ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान की पेयजल आवश्यकताओं को सुनिश्चित करते हुए नहरबंदी के दौरान इस वर्ष इन्दिरा गांधी फीडर मुख्य नहर के रि-लाइनिंग के ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। विभाग के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि परियोजनाओं के शेष कार्य पूरे करने और बजट घोषणाओं की क्रियान्वयन की दृष्टि से आगामी दो-तीन माह काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के जिन जोन में कार्य की गति धीमी है वे गति बढाएं। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न बांधों एवं नहरों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की संभावनाओं को देखते हुए कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव जल संसाधन शिखर अग्रवाल ने आवंटित बजट का पैसा तय समय में खर्च करने तथा सभी फील्ड अभियंताओं को निविदा एवं कार्यादेश जारी करने में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अभियंता बजट घोषणाओं को समय पर पूरी करने की चुनौती को स्वीकारते हुए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए तय समय में कार्य पूरे करें। बैठक में विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव विनोद चौधरी, मुख्यालय एवं विभिन्न जोन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशाषी अभियंता उपस्थित रहे। विभिन्न जोन के प्रभारी अभियंताओं ने बांधों, एनीकट एवं नहरों के जीर्णाेद्धार, नए एनीकट एवं डेम के निर्माण की प्रगति के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack