तकनीकी क्षेत्र में विश्व ने माना भारतीय युवाओं की प्रतिभा का लोहा-सीएम गहलोत।

जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में महंगाई और बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्याएं हैं। राज्य सरकार युवाओं और छात्रों को केन्द्र में रखकर नीतियां बना रही है। वर्तमान आई.टी. युग में भारतीय युवाओं की प्रतिभा का लोहा विश्वभर के देशों ने माना है। राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा देने तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। गहलोत जोधपुर में तीन दिवसीय डिजिफेस्ट जॉब फेयर व प्रदर्शनी के पहले दिन आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जॉब फेयर में 270 कंपनियां आई हैं तथा पहले दिन ही 500 युवाओं का चयन नौकरी के लिए हो चुका है। 1500 से ज्यादा प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। 75 हजार प्रतिभागियों ने जॉब फेयर में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। गहलोत ने कहा कि यहां आई कम्पनियों में लगभग 30 हजार वेकेंसी है, जिन्हें तीन दिन चलने वाले इस जॉब फेयर में भरा जाएगा। युवाओं और बेरोजगारों के लिए नौकरी प्राप्त करने का यह एक बड़ा अवसर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डिजिफेस्ट के पहले ही दिन प्रतिष्ठित कम्पनियों से 18-18 लाख के उच्चस्तरीय पैकेज प्राप्त करने वाले 5 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्य सरकार दे रही हर क्षेत्र में आई.टी. को प्रोत्साहन।
गहलोत ने कहा कि वर्तमान युग आई.टी. का युग है। स्वर्गीय राजीव गांधी का देश को आई.टी. से जोड़ने का स्वप्न आज साकार हो रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में आई.टी. शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार निर्णय ले रही है। जोधपुर में 600 करोड़ की लागत से फिनटेक यूनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा है। इसी प्रकार कोटा में राजीव गांधी नॉलेज सेन्टर एवं इनोवेशन हब तथा जयपुर में राजीव गांधी सेन्टर फॉर एडवांस टेक्नोलॉजी की स्थापना की जा रही है। आज ई-मित्र के माध्यम से जनता को 600 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध है।
अगला बजट होगा युवाओं और छात्रों को समर्पित।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित है। युवा देश का भविष्य है। सभी युवाओं को सपने बड़े देखने चाहिए तथा उन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करना चाहिए। युवाओं के सपने साकार करने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर अपना सहयोग दे रही है। प्रदेश में अब तक 1.25 लाख सरकारी पदों पर भतियां की जा चुकी हैं, लगभग इतने ही पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है तथा 1 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। राज्य सरकार का आने वाला बजट युवाओं और छात्रों को समर्पित होगा। बजट के लिए आमजन से सुझाव मांगे गए हैं। अभी तक 21 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। यह इंगित करता है कि आमजन राज्य सरकार के कार्यों में भागीदारी निभाने के लिए तत्पर है।
देशभर में राज्य सरकार की योजनाओं की चर्चा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की आज पूरे देश में चर्चा है। चिरंजीवी योजना के माध्यम से आमजन को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है। इस योजना के तहत प्रदेशवासियों के लिए 10 लाख तक का इलाज निःशुल्क कर दिया गया है। लीवर ट्रांस्प्लांट, किडनी ट्रांस्प्लांट, कोक्लियर इम्प्लांट आदि जटिल उपचारों में 10 लाख की सीमा समाप्त कर दी गई है। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोडने के क्रम में 1 करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन दी जा रही है। इन्दिरा गांधी शहरी रोजगारी गारंटी योजना द्वारा शहरी क्षेत्र में आमजन को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। इन्दिरा रसोई योजना में 8 रूपए में आमजन को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के कारण विदेशी सैलानी भी इन्दिरा रसोई में आकर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। अनुप्रति कोचिंग योजना में 20 हजार से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। प्रतिवर्ष 200 मेधावी छात्रों को विदेश में निःशुल्क पढ़ाई का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है। राज्य सरकार के कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया गया है, साथ ही उन्हें कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आरजीएचएस योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना महामारी के दौरान शानदार प्रबंधन किया गया। यहां के भीलवाड़ा मॉडल की पूरे देश में सराहना की गई। उन्होंने कहा कि इन जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जानी चाहिए ताकि कोई भी पात्र नागरिक इनके लाभ से वंचित ना रहे।इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में लगे हुए विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया तथा जॉब फेयर में आए युवाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं।

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