लोगों को रिश्वत देने की मानसिकता बदलनी होगी-डीजी बीएल सोनी

भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक बीएल सोनी ने कहा कि लोगों को लेने-देन की प्रथा छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में एसीबी की कार्रवाई का खौफ होने लगा है। पहले अधिकारी मंथली लिया करते थे। अब पकड़े जाने के डर से वीकली रिश्वत लेने लगे हैं। एसीबी के डीजी सोनी ने भरतपुर में आम लोगों से संवाद करते हुए कहा कि लोग पैसे देकर काम कराना चाहते हैं। कहीं लोगों को लगता है कि पैसे देकर काम हो सकता है तो आमतौर पर वे रिश्वत देने के लिए तैयार हो जाते हैं।अधिकारियों को भी चाहिए कि रिश्वत की पेशकश करने वाले लोगों की शिकायत करें। एसीबी के डीजी सोनी ने कहा कि आजकल रिश्वत लेने के तरीके बदल गए हैं। अधिकारियों को फोन टैप होने का डर सताता है, इसलिए वे ऐप पर लेन-देन की बात करते हैं। इस तरह एसीबी को सीधे ट्रैप करने में परेशानी आती है। एसीबी की डीजी ने कहा कि प्रशासन में ज्यादातर काम बिना पैसे नहीं होते। किसी काम में 10 में से 8 नियम का पालन होता है तो उसे कंसीडर करते हैं। जायज काम नहीं होने पर ज्यादा रिश्वत मांगी जाती है। लोगों को जागरूक होना होगा। रिश्वत लेने या देने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। एसीबी के डीजी सोनी ने कहा कि एसीबी में 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। अच्छे अधिकारी कम मिलते हैं। एडिशनल एसपी के 60 में से 32 पद खाली हैं। रिवॉल्विंग फंड के लिए सरकार ने 1 करोड़ की घोषणा की लेकिन 50 लाख मिले। इसके बावजूद भी एसीबी भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगर एसीबी के कर्मचारी और अधिकारी गलत काम में लिप्त हों तो सीधा मुझे या एडीजी को बताएं।एसीबी के डीजी सोनी ने कहा कि लोग ले-देकर काम कराने की मानसिकता को बदल दें। कोई रिश्वत लेकर जा रहा हो तो उसके वाहन के नंबर और रास्ता बताएं। सरकारी अधिकारी ने अगर लूट खसोट कर मोटा माल बनाया हो तो एसीबी को जानकारी दें।शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है। भ्रष्टाचार निरोधक के महानिदेशक बी.एल.सोनी ने बताया कि हम संभाग मुख्यालय पर जाकर आमजन से यह अपील कर रहे हैं कि अगर उनकी मेहनत की कमाई में से कोई भी भ्रष्ट लोक सेवक रिश्वत की मांग करें तो वह एसीबी के पास आए। हम हेल्प लाइन को एक्टिव कर रहे हैं।एसीबी के डीजी सोनी ने कहा कि वॉट्सऐप हेल्पलाइन है 1064 हेल्पलाइन है या व्यक्तिगत रूप से भी एसीबी की चौकी पर संपर्क कर सकते हैं। अगर परिवादी सटीक सूचना देते हैं तो हम उसका सत्यापन कराकर उनके साथ मिलकर भ्रष्ट लोकसेवकों को जेल पहुंचा सकते हैं। जनसंवाद कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल सिंह पूनिया ने कहा कि मंत्रियों और नेताओं के इशारे पर कई विभागों में रुपए की वसूली हो रही है, रुपया नीचे से वसूल कर ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे लोगों का क्या किया जाए। सरकारी संरक्षण में सभी पेपर आउट हो रहे हैं। हर डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार हो रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है। राजस्थान में थानों पर थाना अधिकारी पैसे कमा कर एसपी को देते हैं। सरकार इसके बारे में कोई निर्णय नहीं ले सकती, क्योंकि सरकार पैसे से चलती और सभी मंत्री पैसे पहुंचा रहे हैं ऊपर तक। इस सिस्टम का क्या होगा। जनसंवाद कार्यक्रम में फर्जी पट्‌टा प्रकरण में एसीबी की ओर से कार्रवाई न किए जाने का मामला उठा। पूर्व पार्षद इंद्रजीत भारद्वाज ने कहा कि एक लाख रुपए की रिश्वत देकर पट्‌टा बनवाने का दावा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। पार्षद श्याम सुंदर गौड़ ने भ्रष्टाचार की खबरों पर कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया। दीपक तोमर ने कहा कि निगम के पूर्व कमिश्नर के भ्रष्टाचार की शिकायत पर एसीबी ने जांच उसी अधिकारी को भेज दी। व्यापार महासंघ के प्रदीप शर्मा ने ट्रैप हो चुके अफसरों को एसीबी की ओर से हटवाने की जरूरत बताई।

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