ग्राम स्वराज की कल्पना साकार करने के लिए पंचायती राज कर्मी अधिकारों की मांग के साथ अपना दायित्व भी निभाएं-मंत्री रमेश मीना।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश चन्द मीना ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार विभाग के कर्मचारियों की हर वाजिब मांग को पूरा करने का प्रयास करेगी लेकिन कर्मचारियों का भी दायित्व है कि विभाग के गुणवत्ता वाले काम धरातल पर नजर आएं।कर्मचारियों के ईमानदार प्रयासों से ही ग्रामीणजन के जीवन में बदलाव आएगा और महात्मा गांधीजी की ग्राम स्वराज की भावना के अनुरूप गांवों का विकास संभव हो सकेगा। मीना ने अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारी संघ की ओर से वैशाली नगर स्थित खण्डेलवाल गर्ल्स कॉलेज में आयोजित ‘‘ ग्राम स्वराज एवं पंचायतीराज सशक्तीकरण सम्मेलन’’ में अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होने कहा कि वे अब तक करीब 20 जिलों का दौरा कर चुके हैं, इसके अलावा भी विभिन्न जिलों से परिवाद, शिकायतें सीधे और उनके सोशल मीडिया सेल के जरिए प्राप्त होती रहती हैं। प्रदेश में विकास जरूर हुआ है, मॉडल तालाब, चरागाह विकास, ग्रेवल सड़क, खेल स्टेडियम जैसे कुछ काम बहुत बेहतरीन हुए हैं लेकिन इनकी संख्या अपेक्षाकृत कम है। मॉनिटरिंग बढाने से कार्यों की गुणवत्ता में काफी सुधार आया है, जांच कमेटियां भी नियमित दौरे कर रही हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही भी की जा रही है। मीना ने कहा कि उनका प्रयास है कि गांवों में भी शहरों के समान सुविधाओं का विकास हो।सम्मेलन में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारियों को समान गणवेश में आने को उनके संगठित होने का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि फील्ड में भी इस तरह का नवाचार किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पंचायती राज में फंक्शन, फंक्शनरी और फण्ड हर स्तर पर उपलब्ध है, इनके बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर सतत विकास के नौ संकल्पों पर एवं विशेष रूप से स्वच्छता के संकल्प के लिए काम करने के लिए अधिकारियों को सेंसेटाइज किया। पंचायती राज विभाग की निदेशक पंचायती राज डॉ.प्रतिभा सिंह, संघ के अध्यक्ष सोहनलाल डारा एवं अन्य पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया।
कर्मचारी हित के लिए कई फैसले।
मीना ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की, ग्राम विकास अधिकारी से सहायक और अतिरिक्त विकास अधिकारी तक प्रमोशन के चैनल खोल दिए, विकास अधिकारियों के पे-स्केल बढोतरी का रास्ता खोला, जल्द ही करीब पांच हजार से अधिक ग्राम विकास अधिकारी प्रशिक्षण के बाद विभाग में ज्वाइन करेंगे। वर्षाें से लम्बित 4000 कनिष्ठ सहायकों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा भी करीब 50 हजार कर्मचारी विभिन्न पंचायती राज कार्यालयों में लिए जाने है। साथ ही अन्य विभागो से लगे बीडीओ को हटाकर मूल विभागों में भेजा गया है। इस तरह सरकार लगातार कर्मचारियों के हित के फैसले कर रही है। उनकी सुनवाई के लिए उनके द्वार चौबीसों घंटे खुले हैं। 
जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी दें।
मीना ने कहा कि अब कर्मचारियों को भी गांव के गरीब, योजनाओं के पात्र व्यक्तियों के लिए, गांवों के विकास के लिए काम करना होगा। उन्होंने खेद जताया कि अभी तक कर्मचारियों का पूरा सहयोग ग्रामीण क्षेत्र में विकास योजनाओं को क्रियान्वित करने मेंं नहीं मिल सका है। कर्मचारियों को चाहिए कि स्वयं योजनाओं की पूरी जानकारी रखें और उनके क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी बताएं, जागरूक करें ओर उन्हें विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाएं, ग्राम सभाओं, पंचायत समिति ओर जिला परिषद साधारण सभाओं में विकास कार्यों की चर्चा कराएं।  
राजीविका से महिलाओं के सशक्तीकरण में सहयोग मांगा।
पंचायती राज मंत्री ने सभी अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे राजीविका से अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ें। उनकी आय बढाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें। 
नरेगा में 100 दिन के बाद अतिरिक्त रोजगार।
मीना ने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार मनरेगा में 100 दिवस का रोजगार प्राप्त कर चुके श्रमिकों को 25 दिवस का अतिरिक्त रोजगार मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना में राज्य मद से प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए अधिकारी प्रयास करें कि सभी पात्र व्यक्तियों को 100 दिवस का कार्य जल्द मिल जाए जिससे अतिरिक्त दिवस का रोजगार उन्हें दिया जा सके। इसी प्रकार खेरूआ, सहरिया और कथौड़ी जनजाति को 100 दिवस का अतिरिक्त रोजगार दिया जा रहा है। 
अधिकारी-कर्मचारी तकनीक से जुड़ें।
पंचायती राज मंत्री ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जब भारत में कम्प्यूटर लाए थे तब वह बिल्कुल नई चीज थी, लेकिन आज सारी व्यवस्था उसी पर चल रही है। इसी तरह मोबाइल भी आज हर हाथ में है। विभाग में तकनीक, नए एप का उपयोग कर पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को और बेहतर किया जा रहा है। सभी कर्मचारी इसे जानें ओर इससे जुडें।

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