जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में छाया रहा मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
जिला परिषद श्रीगंगानगर की विशेष साधारण सभा की बैठक जिला प्रमुख कुलदीप इंदौरा की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों में ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया। इससे पूर्व गत बैठक में उठाए गये विभिन्न प्रकरणों पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों ने कार्यवाही से सदन को अवगत करवाया। जिला परिषद डायरेक्टर मंगल सिंह ने रसद विभाग से संबंधित समस्या बताते हुए डीएपी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। रायसिंहनगर पंचायत समिति प्रधान सुनीता गोदारा ने स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता की मांग की। जिला परिषद सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी सिंचाई पानी, पेयजल, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी सदन में रखते हुए उनके निराकरण करने पर बल दिया।
इस पर जिला प्रमुख इंदौरा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रा से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि पंचायती राज की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाये। बैठक में मौजूद गंगागनर विधायक राजकुमार गौड़ ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहरी समस्याओं के समुचित निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि समस्याओं की जानकारी नियमित रूप से दी जाये। ताकि उसी अनुरूप उनका निस्तारण करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सभी क्षेत्रों में निर्माण व विकास कार्य करवाये जा रहे हैं। बजट संबंधी समस्या नहीं है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं के तत्काल निस्तारण के लिये अधिकारी गंभीरतापूर्वक प्रयास करे। उन्होंने कहा कि आगामी बजट युवाओं और विद्यार्थियों पर केन्द्रित रहेगा, इसलिए सभी जनप्रतिनिधि और आमजन युवाओं और विद्यार्थियों से संबंधित सुझाव देवें ताकि उसी अनुरूप राज्य सरकार द्वारा बजट में प्रावधान किया जा सके। वार्ड नम्बर 1 में अंडर पास संबंधी कार्य के लिये उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मौके पर जाकर आगामी कार्यवाही कर रिपोर्ट देने के निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग आवश्यक कदम उठाये। खाद्य सुरक्षा के लम्बित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करवाने का आश्वासन देते हुए जिला कलक्टर  सौरभ स्वामी ने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के किसानों के जनआधार कार्ड नम्बर लघु और सीमांत श्रेणी में जुड़वाने के लिये प्रयास करें। कृषि विभाग की ओर से भी अभियान चलाकर गांवों में कैम्प लगाये जायेंगे, जिनमें किसानों के जनआधार नम्बर लघु और सीमांत श्रेणी में जोड़े जायेंगे। इसके पश्चात किसान मुख्यमंत्राी चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ जायेंगे और वे इस योजना के साथ-साथ सरकार की अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसान चाहे तो स्वयं भी ई-मित्रा केन्द्र पर जाकर अपना नम्बर जुड़वा सकते हैं।मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की विशेषताएं और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि किस तरह से आमजन इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर उप जिला प्रमुख  सुदेश मोर, जिला परिषद सदस्य  शंकर पन्नू, सीईओ  मुहम्मद जुनैद, प्रशिक्षु आईएएस प्रतीक जुईकर, डीएफओ  सुरेश कुमार आबुसरिया, एडीशनल एसपी  सतनाम सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

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