अल्पसंख्यक समुदाय का समग्र विकास हो सुनिश्चित-मुख्य सचिव।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के हितों को सुनिश्चित किया जाकर समग्र विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, तकनीकी शिक्षा, मदरसा शिक्षा, शिक्षा ऋण सहायता, राजकीय एवं केंद्रीय सेवाओं में भर्ती, ग्रामीण विकास योजनाओं में हिस्सेदारी, मलिन बस्तियों में सुधार सहित सभी क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव शासन सचिवालय में अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग द्वारा प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजीवीके) योजनान्तर्गत स्वीकृत कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा, पीएमजीवीके योजना अंतर्गत जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा की गई।उल्लेखनीय है कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए चार उद्देश्यों शिक्षा अवसरों को बढ़ावा देना, आर्थिक क्रियाकलापों और रोजगार में समुचित हिस्सेदारी, अल्पसंख्यकों के जीवन स्तर की दशा में सुधार तथा सांप्रदायिक असामंजस्य तथा हिंसा पर नियंत्रण एवं रोकथाम के अंतर्गत 15 सूत्री कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। 15 सूत्रों के अंतर्गत संबंधित विभागों के वास्तविक लक्ष्य एवं वित्त व्यय का 15 प्रतिशत अल्पसंख्यकों के लिए निर्धारित करने का प्रावधान है।मुख्य सचिव ने एकीकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित उपलब्धता का प्रतिशत गत वर्ष से बढ़कर 9.06 प्रतिशत से 14.04 प्रतिशत के मध्य होने पर संतोष जाहिर किया और नामांकित लाभार्थियों का दायरा बढ़ाए जाने पर भी जोर दिया। विद्यालय शिक्षा की उपलब्धता को सुधारने संबंधी प्रयासों पर मुख्य सचिव ने कहा कि अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के प्रवेश के विशेष प्रयास किए जाने अपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत मदरसों में बालक बालिकाओं के लिए पृथक- पृथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल सुविधा, पुस्तकालय व खेल सामग्री, स्कूल फैसिलिटी ग्रांट एवं शिक्षण सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो।प्रदेश में वर्तमान में कुल 3 हजार 454 पंजीकृत मदरसे हैं। सत्र 2022- 23 में 2 लाख से अधिक विद्यार्थी इन मदरसों में अध्ययनरत हैं। शर्मा ने मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों के आधारभूत संरचना के विकास, कंप्यूटराइजेशन, फर्नीचर व अन्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की कार्य योजना को गति देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने उच्च प्राथमिक मदरसों में 93 लाख रुपए की राशि से पुस्तकालय स्थापित करने को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के तहत  भारत सरकार की छात्रवृत्ति से वंचित रहे समस्त पात्र अभ्यर्थियों को बजट घोषणा वर्ष 2021- 22 में राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई है। उन्होंने वर्ष 2022- 23 के अंतर्गत प्राप्त 1 लाख 87 हजार से अधिक नवीन आवेदनों एवं 1 लाख 18 हजार से अधिक पुनः आवेदन करने वाले  सभी पात्र अभ्यर्थियों की आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने कहा की विभिन्न योजनांतर्गत अब तक जिन 33 हजार से अधिक अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को  प्रशिक्षण एवं रोजगार के लिए डेडीकेटेड बैचेज के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है, उनका रोजगार भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईटीआई में प्रवेशित अल्पसंख्यक 3.46 प्रतिशत व पॉलिटेक्निक कॉलेज में 6.63 प्रतिशत हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के प्रवेश के विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजीविका में 1.23 प्रतिशत अल्पसंख्यक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में सदस्य हैं, इनकी संख्या बढ़ाई जाए और समुदाय की मदद से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में शर्मा ने मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान के माध्यम से शैक्षिक अवसंरचना को उन्नत करने, कौशल विकास प्रशिक्षण योजना, राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड के ऋण वितरण, ग्रामीण विकास योजना में उचित हिस्सेदारी, सांप्रदायिक घटनाओं की रोकथाम, अल्पसंख्यक समुदायों वाली मलिन बस्तियों की स्थिति में सुधार जैसे सभी बिंदुओं पर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में लोकसभा सांसद निहालचंद ने पंचायती राज से संबंधित योजना की प्रगति पर जानकारी ली।समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम  योजना के अंतर्गत चयनित राज्य के 17 अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में कार्यक्रम के क्रियान्वयन और स्वीकृत कार्यों की भौतिक- वित्तीय प्रगति का आकलन किया गया। विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार की स्वीकृति के लिए नवीन योजना के प्रस्ताव की जानकारी साझा की। विभाग के निदेशक जमील अहमद कुरेशी एवं उप निदेशक महमूद अली खान द्वारा योजना लागू होने से अब तक के विभिन्न वर्षाे में स्वीकृत कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।मुख्य सचिव द्वारा सभी स्वीकृत कार्यों को अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिए गए एवं जो स्वीकृत कार्य अपूर्ण रहे, उनके संबंध में विचार विमर्श किया गया।समीक्षा बैठक में समिति के सदस्य के रूप संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, अधिकारी एवं सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव भी दिए।

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