सोशल मीडिया पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर ठग गिरोह हुआ सक्रिय।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
पीलीबंगा,सतर्क हो जाएं,कहीं आप भी न बन जाए ठगी का शिकार।.क्षेत्र में एक ऐसा ठग गिरोह सक्रिय है जो सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी कर रहा है। जिले के पीलीबंगा क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनभर से अधिक लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।.इस मामले की शिकायत पीलीबंगा थाने में भी दी गई है। ठगी के बाद आरोपी फरार हैं।ठगी का शिकार हुए लोंगो ने 1 नवंबर को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।इस संबंध में अभी तक मुकदमा तो दर्ज नहीं किया गया है। लेकिन मामला सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी‌ हुई है।
ठग गिरोह का मुखिया राजनीतिक पदाधिकारी का बेटा व पीलीबंगा क्षेत्र का ही निवासी बताया जा रहा है। पुलिस जांच के बाद मामले का खुलासा होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि सिक्योरिटी सर्विस पीलीबंगा,हनुमानगढ़ व सूरतगढ़ में सिविल गार्ड,एटीएम सिक्योरिटी गार्ड में नौकरी दिलाने की एवज में ठग गिरोह द्वारा लाखों रुपए की ठगी करने का अंदेशा है। लेकिन ठगी का शिकार हुए युवा‌ बेरोजगार खुद की बदनामी के डर व ठगी की राशि कम होने के चलते शिकायत नहीं कर रहे है। जब कुछ लोगों को पता चला कि‌ वे ठगी का शिकार हो चुके हैं तब ठगी के शिकार युवकों ने पुलिस थाने में आकर सच्चाई बयान की।पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक पीलीबंगा मण्डी में फेसबुक पर एक ग्रुप चल रहा है। इस ग्रुप में कुछ दिन पहले एक पोस्ट प्रकाशित की गई थी।जिसमें 10 सिक्योरिटी गार्ड एटीएम हेतु पीलीबंगा,हनुमानगढ़,सूरतगढ़ में चाहिए,जिसके लिए वेतन 13800 +पीएफ मिलने के संबंध में लिखा हुआ था। ठगी का शिकार हुए मंडी निवासी पीड़ित गणेश कुमार ने दिए गये मोबाइल नंबर पर सम्पर्क किया तो उसने कहा की आप मुझे अपने डॉक्यूमंट व्हाट्सएप करें। जिसके बाद हम आपसे संपर्क करेंगे। कुछ समय बाद पीड़ित के मोबाइल पर फ़ोन आता है की आप काम करना चाहते है तो आप हमे 800 रूपये इस मोबाइल नम्बर पर भेज दें। यह रूपये ड्रेस सिक्योरिटी के तौर पर लिए जाते है।जो की जब आप काम छोड़ेगे तब आपको वापिस मिल जायेंगे। पीड़ित ने अपने लड़के के खाते से संबंधित मोबाइल नंबर पर 800 रूपये का भुगतान गूगल पे से कर दिया। वहीं ठग गिरोह द्वारा कुछ समय बाद में नौकरी देने का हवाला दे दिया। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पीड़ित को नौकरी नहीं मिली और सिक्योरिटी राशि हड़प ली तो पीड़ित ने पुलिस थाने में शिकायत‌‌ दी है।

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